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Ballia News: रात भर दर्द से तड़पता रहा मरीज नहीं पहुंचे चिकित्सक

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बलिया। चिकित्सक को धरती का भगवान माना जाता है, लेकिन वह अपने कर्तव्यों से विमुख हो रहे हैं। जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में बुधवार की रात मनियर थाना के नवका गांव निवासी अनूप सिंह सड़क दुर्घटना में घायल होकर भर्ती थे। रात करीब नौ बजे के बाद दर्द बढ़ने पर चिल्लाने लगे।
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स्वजनों की गुहार और वार्ड ब्वाय के बुलावे के बावजूद काल डे पर तैनात चिकित्सक मरीज को देखने तक नहीं पहुंचे। दर्द से कराहता मरीज कुछ घंटे बाद बेसुध होकर सो गया। गरीब स्वजनों ने आसपास के निजी अस्पतालों में मरीज को दिखाने का प्रयास किया। ठंड और रात ज्यादा होने के कारण कोई नहीं मिला। पैसों के अभाव में वह वाराणसी या मऊ नहीं जा सके।
प्रतिदिन आठ से 10 मरीज दुर्व्यवस्था से रेफर होते हैं। शाम होते ही अस्पताल से रेफर मरीजों को ले जाने के लिए निजी और सरकारी एंबुलेंसों की लाइन लग जाती है। इस तरह मामले रोज अस्पताल में देखने को मिल रहे हैं। सुबह और शाम को राउंड करने के बाद मरीज की हालत खराब होने पर काल डे पर तैनात डॉक्टर आना मुनासिब नहीं समझते। स्वजनों के परेशान करने पर मरीज की हालत गंभीर बता रेफर कर देते हैं। अस्पताल की हालत देख स्वजन कर्ज लेकर भी मऊ या वाराणसी मरीज को ले जाने को मजबूर हो जाते हैं। तमाम शिकायतों और रेफर का आंकड़ा बढ़ने के बावजूद शासन या प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। इससे इन लापरवाह चिकित्सकों की मनमानी नहीं रुक रही है।
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इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीज की तबीयत खराब होने पर अलग से काल डे पर विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहते हैं। मरीज की हालत गंभीर होने पर वह ईएमओ, नर्स और वार्ड ब्वाय की सूचना पर तत्काल अस्पताल पहुंच कर इलाज करते हैं। लापरवाही की कोई शिकायत हमें नहीं मिली है। अगर मिलती है तो जांच के बाद कार्रवाई होगी। - डा. दिवाकर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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