बलिया। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में कम रही है, लेकिन अब उनका भी दबदबा बढ़ने लगा है। इस निकाय चुनाव में आधी आबादी निर्णायक होने वाली है। वह जिसे चाहेगी, उसी के सिर अध्यक्ष का ताज सज जाएगा। इस बार की मतदाता सूची में आधी आबादी की हिस्सेदारी करीब 46 फीसदी होगी।
पुरुषों के वर्चस्व वाले निकायों में महिला मतदाताओं की भूमिका अब बढ़ती जा रही है। महिला मतदान बढ़ने से चुनाव परिणामों में महिलाएं निर्णायक साबित हो रही हैं। मतदाता के रूप में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले चुनाव की तुलना में महिला मतदाताओं में इस बार दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पिछले चुनाव में महिला मतदाताओं की तादाद 36 फीसदी थी। इस बार इनकी हिस्सेदारी 46 प्रतिशत हो गई है। जिले के 12 निकायों में तीन लाख 46 हजार 737 मतदाताओं में 186706 पुरुष मतदाता हैं। जबकि एक लाख 60 हजार 31 महिलाएं हैं। यह इनकी बढ़ती राजनीतिक चेतना के साथ-साथ महिलाओं की चुनावों में बढ़ती रुचि का संकेत है। इसका मतलब यह भी है कि महिलाएं राजनीतिक रूप से एक निर्णायक वोट के रूप में उभर रही हैं।