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कोर्ट का फैसला : ईंट से कूचकर हत्या जघन्य अपराध, दोषी को उम्रकैद, 11 हजार रुपये का लगा अर्थदंड

Sun, 30 Jun 2024 11:13 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

ईंट से सिर कूचकर हत्या में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं 11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भोगना होगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र में एक वर्ष पहले लाठी-डंडे से पीटकर हुई हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक ज्ञानप्रकाश तिवारी (द्वितीय) की अदालत ने मुन्ना सिंह उर्फ भूपेंद्र सिंह को आजीवन कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भोगना होगा। तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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यह है मामला
उमाशंकर सिंह निवासी सिसवार कला थाना नगरा ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि एक जुलाई 2023 की शाम मुन्ना सिंह, पप्पू पांडेय निवासी सिसवार कला ने दो अन्य के साथ ट्यूबवेल पर बैठे उनके छोटे भाई कृपाशंकर सिंह जानलेवा हमला कर दिया था। मऊ के अस्पताल में इलाज हो रहा था। तहरीर पर थाना नगरा में मुकदमा दर्ज हुआ। घायल की इलाज के दौरान आठ जुलाई 2023 को मौत हो गई। इसपर मुकदमे में धारा 302 बढ़ा दी गई।
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विवेचक ने मुन्ना सिंह उर्फ भूपेंद, पप्पू पांडेय उर्फ सुनील पुत्र देवशंकर पांडेय, बृजेंद्र सिंह उर्फ छोटू पुत्र स्व. चंद्रभान सिंह निवासी ससना बहादुरपुर, कुबेर पुत्र देवमुनि राम निवासी जमुआव थाना उभांव के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया।

अभियोजन के तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विजय शंकर पांडेय व बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस की। मुन्ना सिंह पर दोष साबित पाया गया। अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें दोषमुक्त किया गया।

मुन्ना सिंह के दंड बिंदु पर सुनवाई करते हुए अभियोजन ने तर्क दिया कि जघन्य तरीके से ईंट से सिर कूचकर हत्या की गई, जो गंभीर प्रकृति की है। आरोपी के साथ किसी भी प्रकार की रियात बरतने की आवश्यकता नहीं है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क ने दिया कि दोष सिद्ध अभियुक्त के ऊपर उसके पिता और दो बच्चों की पढ़ाई लिखाई और पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। अत: न्यूनतम से न्यूनतम दंड से दंडित किया जाए। न्यायालय ने मुन्ना सिंह को आजीवन कारावास तथा 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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