विवेचक ने मुन्ना सिंह उर्फ भूपेंद, पप्पू पांडेय उर्फ सुनील पुत्र देवशंकर पांडेय, बृजेंद्र सिंह उर्फ छोटू पुत्र स्व. चंद्रभान सिंह निवासी ससना बहादुरपुर, कुबेर पुत्र देवमुनि राम निवासी जमुआव थाना उभांव के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया।
अभियोजन के तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विजय शंकर पांडेय व बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस की। मुन्ना सिंह पर दोष साबित पाया गया। अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें दोषमुक्त किया गया।
मुन्ना सिंह के दंड बिंदु पर सुनवाई करते हुए अभियोजन ने तर्क दिया कि जघन्य तरीके से ईंट से सिर कूचकर हत्या की गई, जो गंभीर प्रकृति की है। आरोपी के साथ किसी भी प्रकार की रियात बरतने की आवश्यकता नहीं है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क ने दिया कि दोष सिद्ध अभियुक्त के ऊपर उसके पिता और दो बच्चों की पढ़ाई लिखाई और पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। अत: न्यूनतम से न्यूनतम दंड से दंडित किया जाए। न्यायालय ने मुन्ना सिंह को आजीवन कारावास तथा 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।