सुखपुरा। थाना क्षेत्र के करनई गांव के मैदान में 108, 102 और एएलएस एम्बुलेंस को खड़ी कर कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार की देर रात प्रशासन द्वारा समाप्त करवाया गया। इस दौरान प्रशासन ने 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारियों के स्थान पर सरकारी और प्राइवेट करीब 51 लोगों को एंबुलेंस चलाने के लिए तैनात किया गया। बृहस्पतिवार को भी एंबुलेंस कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। जिलाध्यक्ष रामपाल चौधरी ने कहा कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जिसका संचालन जीवीकेईएमआरआई के द्वारा किया जा रहा है, लेकिन अब नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा टेंडर जिगित्सा हेल्थ लिमिटेड लिए कंपनी को दिया गया है। इसके कारण करीब 1200 कर्मचारी की नौकरी पर तलवार लटक रही है। उन्होंने मांग की कि ठेकादारी प्रथा तत्काल बंद की जाए। नई कंपनी एएलएस कर्मचारियों के निकालने के बजाय नौकरी पर रखो। समस्त 108, 102 व एएलएस कर्मचारियों को एएचएम में विलय किया जाए। इस मामले में सुुखपुरा थाने में जिलाध्यक्ष समेत चार नामजद तथा 250 अज्ञात के विरुद्घ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डा. हरिनंदन प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था न चरमराए, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सरकारी व प्राइवेट करीब 51 लोगों को एंबुलेंस चलाने के लिए तैनात किया गया है। अगर संबंधित कार्यदाई संस्था इनकी मांगों को मान जाती है तो वे लोग काम पर वापस आ जाएंगे। फिलहाल अभी कोई भी काम पर वापस नहीं लौटा है।