दुबहर। जनपद मुख्यालय से आईएएस प्रशिक्षण की टीम प्रथम शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा स्थित स्मारक स्थल पर पहुंची। उनकी शहादत एवं वीरगाथा के बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। सभी आईएएस प्रशिक्षुओं ने शहीद मंगल पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।
कहा कि मंगल पांडेय की शहादत की बदौलत ही हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ। स्थानीय लोगों से 1857 की क्रांति के बारे में जानकारी ली। लोगों ने बताया कि हम लोग का जन्म तो उस समय नहीं हुआ था, लेकिन हम लोगों के बुजुर्गों ने बताया कि मंगल पांडेय की क्रांति के बाद ब्रिटिश फौज इस गांव में आकर गांव में आग लगा दी और लोगों को मारा पीटा। इस कारण से बहुत से लोग गांव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हुए। प्रशिक्षु शहीद मंगल पांडेय के पैतृक आवास पहुंचे। उस मंदिर का दर्शन भी किया, जिस शिवालय में मंगल पांडेय पूजा-अर्चना किया करते थे। परिजनों से बातचीत की। प्रशिक्षुओं की टीम पड़ोसी गांव शिवपुर दीयर नई बस्ती ब्यासी जाकर आईएएस में चयनित सृष्टि सिंह के आवास पर रुकी। दोपहर का भोजन भी किया। वहां की पूरी व्यवस्था सृष्टि सिंह के परिजनों ने की।