पंदह। शिक्षा क्षेत्र पंदह के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खेजुरी में बनाई गई आजमगढ़ मंडल की प्रथम आर्यभट्ट खगोलीय विज्ञान प्रयोगशाला में शुक्रवार को शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ।
दो दिनी प्रशिक्षण शिविर के प्रथम दिन स्पार्क एस्ट्रोनॉमी प्राइवेट लिमिटेड के निशांत तथागत ने एक दर्जन शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों व विद्यालयीय बच्चों को खगोलीय घटनाओं की जानकारी दी। अब तक किताबी ज्ञान के आधार पर खगोलीय और वैज्ञानिक घटनाओं की कल्पना करने वाले छात्र और शिक्षक खुली आंखों से आकाश मंडल की घटनाओं को देख कर काफी रोमांचित हुए।
इस दौरान प्रशिक्षक ने एक एक कर विभिन्न बिंदुओं को रखा। सर्व प्रथम इस अद्भुत प्रयोगशाला की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षक ने शिक्षकों को विभिन्न उपकरणों और उसके प्रयोग को समझाया। इसके बाद, ग्रह का भार, ग्रहों का अपने अक्ष पर घूमना, सूर्य और चंद्र ग्रहण की स्थिति, ऋतु परिवर्तन, दिन व रात का होना, न्यूटन के तीनों नियम तथा गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को प्रमाणित कर के दिखाया। इसके अलावा, एंटी ग्रैविटी माडल तैयार कर यह साबित किया कि किसी भी दशा में एंटी ग्रैविटी की स्थिति कायम नहीं की जा सकती है। यह महज एक कल्पना भर है। प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में टेलिस्कोप के सहयोग से सूर्य और चंद्रमा को देखने की तरकीब समझाते हुए रात में तारों के गुच्छ व पुच्छल तारों को देखने की व्यवस्था को समझाया। बताया कि प्रशिक्षण के दूसरे दिन बारह राशियों व नक्षत्रों की पूरी जानकारी दी जाएगी। इस सत्र में विभिन्न राशियों और नक्षत्रों का चक्रमण पथ, काल और प्रभाव को विस्तार से रखा जाएगा।
इसके अलावा, प्रयोगशाला में रखे गए उपकरणों को बारीकी से समझाया जायेगा ताकि उसका प्रयोग सरलता से किया जा सके। इस मौके पर बीडीओ दीपक सिंह, बीईओ अनूप गुप्ता, एडीओ पंचायत अनिल वर्मा, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक रेयाज़ अहमद, संजय कुमार तिवारी आदि रहे।