चैनपुर गुलौरा में टीएस बंधे से सटकर बहता सरयू का पानी
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रसड़ा। जनपद से गुजरने वाली तमसा नदी के जलस्तर में अचानक लगभग छह फीट की वृद्धि होने से तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जलस्तर बढ़ने से जगह-जगह कटान की संभावना बढ़ गई है। नाले के रास्ते अब नदी का पानी गांवों में प्रवेश करने लगा है। कई एकड़ दलहनी फसल जलमग्न हो गई है। तमसा नदी के बढ़ते जलस्तर से किसान और तटवर्ती ग्रामीण भयभीत हैं। क्षेत्रीय लोगों ने सिलहटा-अतरसुंवा गांव तक बने अधूरे रिंग बंधा की अविलंब पूरा करने की मांग की है। अतरसुंवा प्रधान प्रतिनिधि नन्हे लाल गुप्ता, वशिष्ठ नारायण सिंह, चकचिरकीटहा के प्रधान राजेश यादव, सिलहटा के प्रधान लालबहादुर राजभर, कोप के प्रधान प्रतिनिधि अभय सिंह, कुरेम के प्रधान ने बताया कि अधूरे रिंग बंधा को बनवाया नहीं गया तो स्थिति बहुत ही भयावह हो जाएगी। अतरसुआ धनईपुर, चांदपुर, डुमरिया, अमहरा, कोड़रा आदि दर्जनों गांवों में भी तमसा का पानी गांव में घुसने को आतुर है। देर शाम तक तमसा का जल स्तर का बढ़ना जारी था। बेल्थरारोड: सरयू नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव का सिलसिला बना हुआ है। पिछले 24 घंटे से जलस्तर में कमी हो रही है। हालांकि नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रहा है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। इसको लेकर तटवर्ती बाशिंदे चिंतित हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 64.380 मीटर दर्ज किया गया। जबकि लालनिशान 64.010 है। पिछले 12 घण्टे के दौरान 7 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। तुर्तीपार का मल्लाह बस्ती बाढ़ के पानी से घिरा है। गुलौरा मठिया स्थित शिव मंदिर के आसपास कटान हो रहा है। इसके अलावा टगुनिया, चैनपुर, मठिया, खैरा डीह, तुर्तीपार, मुजौना, हल्दीरामपुर आदि क्षेत्रों में कटान से लोग दहशत में हैं।