बलिया। जनपद में मानक विहीन अस्पतालों में हो रही गर्भवती और प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्रिस्तरीय कमेटी का गठन कर जांच का निर्देश दिया। कमेटी के सदस्य पहले दिन रसड़ा में अवैध, अपंजीकृत व मानक के विपरीत संचालित निजी अस्पताल व क्लिनिक की जांच कर सीज भी किया। आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने इसका विरोध कर दिया।
निजी अस्पताल के संचालक डा. अमरेश सिंह व डा. नीलम सिंह ने डिप्टी सीएमओ के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने कहा कि हमें भी ऑपरेशन करने का हक है। जांच के दौरान डिप्टी सीएमओ डा. एसके गुप्ता से नर्सिंग होम संचालक अमरेश सिंह से झड़प भी हुई। उन्होंने कमेटी की जांच पर सवाल खड़ा कर दिया। कहा कि हमारी जांच क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी या डीएम, एसडीएम सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की त्रिस्तरीय जांच कमेटी ने पाया कि डा. अमरेश सिंह के छितौनी आदर्श मेडिकेयर सेंटर में तीन सीजर के मरीज मौजूद मिले। इनका इलाज आधुनिक चिकित्सा पद्धति से किया जा रहा था। जबकि लाइसेंस आयुर्वेद के है। मानक के विहीन होने पर कार्रवाई भी की।
इस बाबत सीएमओ डा. जयंत कुमार ने कहा कि अवैध व मानक विहीन अस्पताल चलाने वाले लोग जांच से बिलबिला गए हैं। वह अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। जांच इसी तरह चलती रहेगी। कठोर कार्रवाई होगी। मरीजों के जान से खिलवाड़ करने नही दिया जाएगा।