बलिया। जिला अस्पताल में स्ट्रेचर व व्हील चेयर की कमी मरीजों व तीमारदारों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों को एक से दूसरी जगह तीमारदार गोद में लेकर जाने को मजबूर हैं। इसके लिए एक मरीज संग चार-पांच परिजन आ रहे हैं। डीएम के निर्देश पर इमरजेंसी के बाहर रखे स्ट्रेचर गायब हैं।स्वीपर की कमी के कारण वार्डों से स्ट्रेचर न लाने से समस्या बनी है। शिकायत के बावजूद अस्पताल प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी हो रही है। हीट वेव के दौरान डीएम की फटकार पर 12 स्ट्रेचर व तीन व्हील चेयर मंगाए गए थे। तीनों व्हील चेयर मरम्मत के अभाव से टूट गया है। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि स्ट्रेचर न मिलने की दशा में तीमारदारों को अपने मरीज को ले जाने के लिए लोगों से मिन्नत करनी पड़ रही है।
परिखरा निवासी संजय गुप्ता की हालत खराब होने पर पत्नी इलाज के लिए इमरजेंसी पहुंची। चिकित्सक ने वाराणसी को रेफर कर दिया। संजय को एम्बुलेंस तक ले जाने के लिए काफी तलाश के बाद भी स्ट्रेचर नहीं मिला। तबीयत बिगड़ता देख पत्नी ने वहां खड़े लोगों से मिन्न्त कर पति को एम्बुलेंस में चढ़ाया।
खड़सरा निवासी मनोज पटेल अपने पिता केशव पटेल को पैर में फैक्चर होने पर जिला अस्पताल में इलाज को लाए थे। चिकित्सक ने एक्स-रे जांच की सलाह दी। ह्वील चेयर मांगने पर कर्मचारियों ने कहा कि पहिया टूटा है। घंटों खोजने के बाद नई बिल्डिंग में स्ट्रेचर मिला। कुछ लोगों की मदद से पिता को एक्स-रे करवाएं।
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इमरजेंसी के सामने एक दर्जन स्ट्रेचर और सभी वार्डों में दो से तीन स्ट्रेचर रखवाया गया है। तीमारदार मरीज को लेकर जा रहे हैं, वहीं पर छोड़ दे रहे हैं। इससे परेशानी खड़ी हो रही है। इमरजेंसी में तैनात स्वीपर को स्ट्रैचर वार्डों से लाकर रखने का निर्देश दिया गया है। - डा. एस के यादव, सीएमएस जिला अस्पताल