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UP News: कोई राजमिस्त्री तो कोई सब्जी विक्रेता, महिला ने नहीं की शादी, बलिया से गिरफ्तार 5 नक्सलियों की कहानी

Thu, 17 Aug 2023 10:01 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, बलिया

सार

बलिया जिले के बसंतपुर गांव से शनिवार को लखनऊ एटीएस ने पांच नक्सलियों को गिरफ्तार किया। वे सभी एक झोपड़ी में संगठन की गोपनीय बैठक कर रहे थे। 
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सांकेतिक फोटो
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विस्तार
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बिहार के मधुबनी में बैंक डकैती में शामिल तारा देवी उर्फ मंजू उर्फ मनीषा सहित पांच हार्डकोर नक्सलियों की बलिया से गिरफ्तारी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिले में खुफिया और पुलिस विभाग की संदिग्ध लोगों पर नजर है। जिन क्षेत्रों में नक्सली घटनाएं हो चुकी हैं, उन क्षेत्रों में पुलिस की गतिविधि बढ़ी है।

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शहर के तिखमपुर निवासी लल्लू राम और उनकी बेटी तारा देवी की गिरफ्तारी हुई है। तारा बिहार-झारखंड में नक्सल प्रशिक्षण ले चुकी है। तारा चार बहनों व एक भाई में दूसरे नंबर की है। नक्सली गतिविधि में शामिल होने के कारण उसने शादी भी नहीं की है। उसके घर छोटी बहन व भाई और मां है। मां दूसरे के घरों चौका बर्तन करती है। लल्लू राजमिस्त्री है।

हर माह दो तीन दिन बाहर जाती थी तारा 

छोटी बहन ने बताया कि दीदी मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करती है। उसके पास कुछ लोग मिलने आते थे। उस समय पिता व बहन हम लोगों को हटा देते थे। बहन हमेशा किताब पढ़ती रहती थी, जिसे एटीएस वाले ले गए। वह हर माह दो तीन दिन बाहर जाती थी। नक्सली किसे कहते, इसकी जानकारी नहीं है।
ये भी पढ़ें: बलिया से पांच खूंखार नक्सली गिरफ्तार, 15 वर्ष बाद नक्सली गतिविधि से प्रशासनिक महकमे में हलचल

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सब्जी बेचना वाला इतना बड़ा नक्सली कैसे

एटीएस की गिरफ्त में नक्सली - फोटो : सोशल मीडिया
नक्सल गतिविधियों में शामिल सत्यप्रकाश दिखाने के लिए खेजूरी में सब्जी बेचता था। मूल रूप से गड़वार निवासी सत्यप्रकाश कुछ वर्ष पूर्व खेजूरी थाने के समीप जमीन खरीद कर झोपड़ी डालकर रहता था। उसकी गिरफ्तारी की खबर पर स्थानीय ग्रामीणों व पुलिस सकते हैं। उन्हे विश्वास नहीं हो रहा कि सब्जी बेचना वाला इतना बड़ा नक्सली है। ग्रामीणों का मानना है कि उसके यहां हमेशा लग्जरी वाहन आते थे। वह अक्सर कई दिनों तक बाहर रहता था। लल्लू राम और सत्यप्रकाश ने नक्सल नेता प्रमोद मिश्रा को शरण दी थी। गिरफ्तार नक्सली राम मूरत तथा विनोद साहनी भूमिगत रहकर नक्सल गतिविधियों का संचालन करते थे।

नक्सलियों व अपराधियों के लिए सेफ जोन बना बलिया

बिहार से सटा बलिया नक्सलियों व अपराधियों के लिए सेफ जोन बना है। पांच करोड़ का इनामी भाकपा माओवादी का शीर्ष नेता सह पोलित ब्यूरो का सदस्य प्रमोद मिश्रा उर्फ लव कुश बाबा तीन माह तक जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रहा। उसकी भनक खुफिया विभाग को नहीं लग सकी। एक सप्ताह पूर्व बिहार के गया से नक्सली प्रमोद मिश्रा उर्फ लवकुश व उसके साथी अनिल यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसने बिहार, झारखंड, दिल्ली, पंजाब और जम्मू कश्मीर सहित कई राज्यों में नक्सली आंदोलन को सक्रिय करने में भूमिका निभाई थी।
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2017 में जेल से रिहा होने के बाद वह कई वर्ष भूमिगत रहा। पूछताछ में बताया कि बलिया में संगठन के अलग-अलग सदस्यों के यहां छिपकर संगठन को मजबूत करता रहा। इसकी जानकारी होने पर केंद्रीय जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पांच सदस्यों को बंसतपुर में बैठक के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

खुफिया एजेंसियां और पुलिस अलर्ट
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने कहा कि पुलिस स्थानीय अपराधों पर नियंत्रण करती है। नक्सल गतिविधियों को केंद्रीय खुफिया एजेंसियां देखती हैं। केंद्रीय एजेंसी के सहयोग से पांच नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है। उनके द्वारा जो निर्देश मिलेगा, उस पर काम होगा। सभी थाना प्रभारी व एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है। ,
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