विभिन्न मांगों को लेकर पांडेयपुर ढाला पर क्रमिक अनशन पर बैठे ग्राम पंचायत जगदेवा के ग्रामीण।
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दया छपरा। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 स्थित पांडेयपुर ढाला पर बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत जगदेवा के ग्रामीण जुलूस की शक्ल में पहुंचे और छह सूत्री मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए। आंदोलित ग्रामीणों ने गांव के कोटेदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
गांव के संतोष सिंह ने बताया कि 25 सितंबर की रात ग्रामीणों ने कोटेदार के दरवाजे से पिकअप पर लदा 51 पैकेट चावल पकड़ा था। घटतौली के माध्यम से इकट्ठा चावल को दूसरे बोरे में पलटकर कालाबाजारी की जा रही थी। 26 सितंबर को ग्रामीण बैरिया थाने पहुंचे। वहां मौजूद एसडीएम और एसएचओ ने ग्रामीणों को बाहर खदेड़ दिया। पूर्ति निरीक्षक से जांच करा बताया कि कोटेदार का स्टाक ठीक है। मामले को रफा-दफा कर दिया गया। संतोष सिंह ने बताया कि हमारे गांव में धान की खेती नहीं होती है। फिर यहां से चावल बेचने का सवाल कहां से उत्पन्न होता है। कोटेदार ने आरोप लगाया कि जो लोग शिकायत करते हैं, वह लोग हमारे कार्डधारक नहीं हैं। यहां दर्जनों ग्रामीण उन्हीं के कार्डधारक हैं।
संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी को छह सूत्री पत्रक दिया था। एसडीएम ने तीन अक्टूबर तक निस्तारण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विवश होकर अनशन पर बैठना पड़ रहा है। बच्चा सिंह, गणेश सिंह, जवाहर सिंह, संजय पासवान, बाबू जान हाशमी, संजय मिश्र, सुनील पांडेय, विनय सिंह आदि थे।