जिस तरीकों से दलालों की ओर से फर्जी दुल्हनों को इस सामूहिक शादी योजना के फर्जीवाड़े में शामिल होने के लिए तैयार किया गया। वो सिर्फ मनियर ब्लाक का ही मामला नहीं है। मनियर में 568 जोड़ों की शादी कराई गई थी। इसमें मनियर ब्लाॅक अलावा रेवती, बेरुआरबारी, बांसडीह ब्लाॅक के गांव भी शामिल हैं। जांच के दौरान इन ब्लाकों में भी फर्जी दुल्हनों से सामान की रिकवरी कराई जा रही है। इससे इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि रैकेट के तार जिले स्तर भी जुड़े हो सकते हैं।
मनियर ब्लाॅक में सभी 179 लाभार्थियों से सामान की रिकवरी कराई जा रही है। इसके लिए गांवों में पंचयात भवन पर सामान को जमा कराया जा रहा था। वहां से इसे वाहनों से ब्लाॅक पर लाया जा रहा था। बांसडीह ब्लाॅक के 125 लाभार्थियों में 54 , रेवती में 134 लाभार्थियों में 50 से रिकवरी की जा रही थी। बेरुआरबारी ब्लाॅक में कुल 138 लाभार्थियों में 86 लाभार्थियों से रिकवरी जारी थी। साफ है कि सिर्फ एक ब्लाक से फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। सीयर ब्लाॅक में भी हुए सामूहिक विवाह में सामान को लेकर हंगामा हुआ था। हालांकि बाद में सामना वितरण कराके इस हंगामे को शांत करा दिया गया। यदि यहां भी कायदे से जांच हुई होती तो कई मामले निकल कर सामने आ गए होते। ऐसे में जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। इससे पहले भी सामूहिक विवाह योजना के वर्ष 2019-20 से 2021-22 के बीच हुई ऑडिट में धांधली की बात सामने आई थी। सामूहिक विवाह योजना में भारी संख्या में आधार कार्ड के सत्यापित न होने के कारण समपरीक्षा दल ने रेवती ब्लॉक के उदहां में जाकर लाभार्थियों का सत्यापन किया और उनके बयान दर्ज किए। उदहां और अन्य गांव में किसी की वर्षों पहले की शादी निकली तो किसी के कई बच्चे मिले, लेकिन यह रिपोर्ट कहां गई कोई नहीं बता रहा।
घरों से गायब हुए दुल्हा-दुल्हन
बलिया। मनियर में हुई शादी में मनियर के अलावा, बांसडीह, बेरुआरबारी और रेवती ब्लाक के फर्जी लाभार्थियों से रिकवरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि घरों तक ब्लॉक के कर्मचारी पुलिस के साथ पहुंच रहे हैं। घर से दूल्हा-दूल्हन गायब मिल रहे हैं। परिजन मिले सामान को ब्लाक और पंचायत भवनों तक पहुंचा रहे थे।