बलिया। 29 जुलाई 2010 को लाठी-डंडे से पीटकर गंभीर चोट पहुंचाने, हत्या का प्रयास करने के मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश हरिश्चंद्र की अदालत ने सनोज के खिलाफ दोष सिद्ध पाया। सनोज को छह वर्ष के कठोर कारावास और आठ हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामले में एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
वादी मुकदमा नन्हकू धोबी निवासी ओसवलिया थाना दुबहर ने थाना दुबहर में एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि 29 जुलाई 2010 रात्रि अपने घर पर सो रहा था। सनोज, मिंटू पुत्र बनारसी धोबी, बनारसी धोबी पुत्र मेंही धोबी तथा संगीता पुत्री बनारसी लाठी डंडे से लैस होकर दरवाजे पर आए। पीटने लगे। शोर सुनकर बचाने उसकी पत्नी नागेश्वरी देवी और पुत्री पूनम आई तो उसे भी मारपीट कर जख्मी कर दिया। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने अभियुक्त सनोज, मिंटू, बनारसी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सनोज और मिंटू को दोषी पाया गया। सनोज को न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया। अदालत ने सनोज को छह वर्ष के सश्रम कारावास और आठ हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सुनवाई के दौरान बनारसी धोबी की मृत्यु हो गई थी। मिंटू के दंड के बिंदु पर बाद में सुनवाई होगी।