बलिया। गांवों को साफ-सुथरा रखने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कई परियोजनाओं पर अभी कार्य भी चल रहे हैं। गांवों की स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए बृहस्पतिवार को भारत सरकार की छह सदस्यीय टीम में जिले में पहुंच गई। यह टीम करीब एक सप्ताह तक जिले के 40 गांवों की रैंडम सर्वे कर स्वच्छता का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके आधार पर ही जिले स्वच्छता रैंकिंग का निर्धारण किया जाएगा।
स्वच्छता मिशन का जायजा लेने के लिए भारत सरकार की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई। इसके तहत एक ऐप लांच किया गया है जिसके तहत जिले की स्थिति का आंकलन किया जाता। इसके लिए कोई भी व्यक्ति एसएसजी ऐप को डाउनलोड कर अपना फीड बैक दे सकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण का मुख्य लक्ष्य बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और समाज के सभी वर्गों के बीच स्वच्छता और साफ-सफाई के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना है ताकि गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को साफ सुथरा माहौल मिल सके। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए भारत सरकार की छह सदस्यीय टीम जिले में पहुंच गई है।
टीम की अगुवाई नरेंद्र यादव कर रहे हैं। अभी तक गांवों का निर्धारण नहीं किया गया है। भारत सरकार की ओर से 40 गांवों की सूची अचानक उपलब्ध कराई जाएगी और इसके बाद टीम शुक्रवार से इन गांवों में स्वच्छता की पड़ताल करेगी। यह भी बताया कि टीम की ओर से दिए गए अंक के आधार पर ही जिले की स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित होगी।
गांवों की स्वच्छता सर्वेक्षण को भारत सरकार की टीम पहुंची है। यह टीम रैंडम गांवों की स्वच्छता सर्वेक्षण करेगी। केंद्र सरकार की ओर से गांवों का निर्धारण किया जाएगा। - यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ, बलिया