रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत बुधवार रात नौ बजे से हो गई। रात में भद्रा समाप्त होने के साथ ही शुभ मुहूर्त में कई घरों में बहनों ने भाइयों के कलाई पर राखी बांधी और उनसे रक्षा का संकल्प लिया। बृहस्पतिवार की सुबह भी रक्षाबंधन का पर्व जिले में धूमधाम से मनाया गया।
इसके पूर्व बुधवार की रात रक्षाबंधन को लेकर बाजार में देर रात तक चहल पहल रही। बहनों ने दुकानों से भाइयों के लिए राखियां व मिठाइयां खरीदीं। वहीं, भाइयों ने भी बहनों के लिए उपहार लिए। रक्षाबंधन पर शुरू हुई महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा पहले ही दिन परेशानी का सबब बन गई। रोडवेज की बसों में काफी भीड़ होने से कई महिलाओं को निजी वाहनों से अपने गंतव्य को जाना पड़ा। हालांकि रक्षाबंधन के मुहूर्त को लेकर संशय की स्थिति थी। भद्रा के चलते देर शाम से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हुआ। कहीं वृहस्पतिवार की सुबह ही राखियां बांधी गईं तो कहीं बुधवार की रात नौ बजे के बाद। रंगबिरंगी और आकर्षक राखियों के बिक्री की भरमार रही। दुकानों पर सुबह से ही राखियों और मिठाइयों को खरीदनों वालों का तांता लगा रहा। भाइयों ने बहनों को मोबाइल फोन, कपड़े, गहने आदि उपहार के रूप में दिए।