बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट गोविंद मोहन की अदालत ने अपहरण एवं दुष्कर्म मामले में सात वर्ष के सश्रम कारावास और 55000 के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड का आधा भाग पीडि़ता को देने का आदेश दिया गया।
पीडि़त ने थाना बांसडीह रोड में तहरीर दी थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री अपनी बुआ के घर रह रही थी। 15 फरवरी 2016 को शाम सात बजे शौच के लिए घर से बाहर निकली। अधिक देर तक घर वापस न आने पर इसकी सूचना उसी दिन वादी की बहन ने फोन पर दी। वादी थाने पर अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी श्रीकांत के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अभियोजन की तरफ से दिनेश सिंह विशेष लोक अभियोजक और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद श्रीकांत के खिलाफ दोष साबित पाया गया। उसे सात वर्ष का सश्रम कारावास और 55000 के अर्थदंड से दंडित किया।