बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट गोविंद मोहन की अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाकर दुष्कर्म मामले में रामप्रवेश यादव को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 56000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना पड़ेगा।
वादी मुकदमा ने थाने रसड़ा में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 11 फरवरी 2016 को रामप्रवेश यादव पुत्र सूर्यनाथ यादव निवासी सराय भारती उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। विवेचक ने विवेचना के बाद रामप्रवेश यादव के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों का सम्यक परिशीलन और अभियोजन के तरफ से राकेश कुमार पांडेय विशेष लोक अभियोजक व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद दोष साबित पाते हुए सजा सुनाई।