असहलहा व्यापारी नंदलाल आत्महत्या मामले में जेल में बंद सात आरोपियों की जमानत जिला जज की अदालत ने मंजूर कर दी है। पिछले कई दिनों से जमानत का आवेदन कोर्ट में पड़ रहा था। वकीलों की हड़ताल के कारण आरोपियों ने स्वयं जिला जज की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
इसमें सुनवाई करते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार पांडेय ने अजय सिंघाल, देव नारायण सिंह पूना, आलोक सिंह पिंटू, हनुमान सिंह, शैलेन्द्र सिंह पप्पू, सुनील मिश्रा, राजीव मिश्रा को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया। आरोपियों को अपने जमानत के लिए न्यायालय में एक-एक लाख रुपये का बांड व एक- लाख रुपये दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे।
सुनवाई के बाद मृतक की पत्नी मोनी गुप्ता ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के दिन कुछ दिनों का वक्त मांगने पर न्यायाधीश ने एक दिन समय दिया। मोनी ने परिजनों ने जमानत मिलने पर जांच में अवरोध पैदा होने की अशंका व्यक्त करते हुए सरकार से जमानत निरस्त करने की मांग की है। कहा कि आरोपी ताकतवर है, वह जांच को प्रभावित कर सकते है। अभियोजन के तरफ से संजीव कुमार सिंह जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अपना पक्ष रखा और जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया।
हनुमान व शैलेन्द्र का मुहैदा निरस्त नहीं करवा सका प्रशासन
असलहा कारोबारी नंद लाल के परिजनों को संत्वाना देने पहुंचे तमाम नेताओं व अधिकारियों ने मुख्य आरोपी द्वारा घर का कराए गए मुहैदा को निरस्त कराने का आश्वासन दिया था। सुनील मिश्रा ने जमीन का मुहैदा कैंसल कर दिया। घटना के पूर्व हनुुमान सिंह व शैलेन्द्र सिंह द्वारा कराए गया मुहैदा निरस्त नहीं हो पाया। तत्कालीन डीएम सौम्या अग्रवाल के स्थानांतरण के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।