बलिया। विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान व भाषा ज्ञान बढ़ाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग विशेष कार्यक्रम संचालित करेगा। भाषा संगम कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मातृ भाषा के साथ दूसरी भाषाओं का भी प्रारंभिक ज्ञान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को दूसरी भाषाओं से परिचित कराने के लिए शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिले में संचालित 32 राजकीय, 92 सहायता प्राप्त व 484 वित्तविहीन इंटर कॉलेजों का संचालन माध्यमिक शिक्षा विभाग करता है। इंटर कॉलेजों में पंजीकृत विद्यार्थियों को अब सिर्फ हिंदी-अंग्रेजी ही नहीं बल्कि अन्य भारतीय भाषाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को इस बाबत पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है। वीडियो, ह्वाट्स एप, ई-ज्ञान गंगा, यू-ट्यूब चैनल, दूरदर्शन के स्वयं प्रभा चैनल आदि माध्यमों से बच्चों को दूसरी भाषाएं सिखाई जोगी। दीक्षा पोर्टल पर एनसीईआरटी की ओर से तैयार की गई सौ वाक्यों की क्विज की वीडियो भी अपलोड किया गया है। विद्यार्थियों को जोड़ने से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सूची के अनुसार बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकण, मैथिली, मलयालम, मणिप्पुरम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगू, उर्दू, आसामी व संथाली भाषाओं की जानकारी दी जाएगी।
डीआईओएस रमेश सिंह ने बताया कि भाषा संगम के प्रचार की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी जाएगी। इसमें भाषा के साथ-साथ सांस्कृतिक विविधता से भी बच्चों को परिचित कराया जाएगा।