बस्ती को खाली कर रहे लोग
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रोजाना दर्जनों एकड़ उपजाऊ भूमि सरयू नदी में समाहित हो रही है। तहसील प्रशासन की ओर से क्षेत्रीय लेखपाल राजू यादव कटान पीड़ितों के बीच डेरा डाले हुए हैं। खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। नदी की जलस्तर में बढ़ाव जारी है। पिछले एक पखवारे से जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहने के बाद बीते दो दिनों से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
भूमिहीन कटान पीड़ितों को पट्टे की भूमि देने के लिए भूमि प्रबंधन समिति की बैठक गोपालनगर पंचायत भवन में किरण देवी की अध्यक्षता में हुई। जल्द ही भूमिहीन कटान पीड़ितों को पट्टे पर भूमि दी जाएगी। निर्णय लिया गया कि कटान पीड़ितों के लिए 10 हैंडपंप ग्राम प्रधान की तरफ से लगवाए जाएंगे। यही नहीं कटान पीड़ित जिस स्थान पर शरण लिए हैं, उक्त स्थान पर लाइट लगाने के लिए उपजिलाधिकारी आत्रेय मिश्र के आदेश पर बिजली विभाग काम में जुट गया है।
बाढ़ के डर से कटान से आंखों से सामने धराशायी हो रहे आशियाने
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार की शाम चार बजे जलस्तर 64.30 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 29 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटा वृद्धि होने की संभावना जताई है। हाहानाला, टगुनिया, टीएस बंधा, हल्दीरामपुर क्षेत्र के समीप आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। तुर्तीपार हाहानाला, हल्दीरामपुर के रेग्यूलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। उधर, संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।