बलिया। गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाने के लिए सरकार की ओर से अधिकांश ग्राम पंचायतों को धनराशि जारी की गई है। इन गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने के लिए साथ ही अन्य कार्य किए जाने हैं। लेकिन 52 गांवों में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद प्रगति काफी खराब है।
इसके चलते, जनपद की भी प्रगति काफी निचले पायदान पर है। इसको देखते हुए डीपीआरओ ने 52 सचिवों का वेतन रोका है। इन ग्राम पंचायतों के प्रधानोें को भी चेतावनी दी गई है कि अगर कार्य में प्रगति नहीं हुई तो कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ ने यह कार्रवाई स्वच्छ भारत मिशन के जिला सलाहकार शैलेश कुमार ओझा की रिपोर्ट पर की है।
स्वच्छ भारत मिशन के ओडीएफ प्लस के तहत चरणवार सभी गांवों को मॉडल ओडीएफ गांव बनाया जाना है। योजना के तहत गांवों को स्वच्छ रखने के लिए ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर आदि के प्रबंधन के साथ ही शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों निर्माण कराया जाएगा ताकि कोई खुले शौच को नहीं जाए।
इन गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर स्थाई कूड़ा संग्रहण केंद्रों का निर्माण के साथ ही जगह-जगह अस्थाई कूड़ा संग्रहण लगाए की व्यवस्था है। पहले चरण में वर्ष 2022-23 में कुल 115 ग्राम पंचायतों के 179 गांवों का चयन किया गया और इन गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्र आदि के लिए शासन से कुल 137.082 करोड़ से परियोजनाएं स्वीकृत है। योजना में गंगा किनारे के 41 ग्राम पंचायतों के 71 राजस्व गांवों को भी शामिल किया गया है। पंचायती राज विभाग की ओर से इन गांवों को धनराशि जारी की गई लेकिन 52 गांवों में कार्य रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
इसके चलते जनपद की प्रगति भी काफी खराब प्रदर्शित हो रही है। अब विभाग ने 52 सचिवों के अगस्त माह का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा संबंधित प्रधानों को चेतावनी दी है कि अगर कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सचिवों में 11 ग्राम पंचायत अधिकारी व 41 ग्राम विकास अधिकारी हैं। ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ ने जिला विकास अधिकारी को संस्तुति भेज दी है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को मॉडल ओडीएफ बनाने के लिए गांवों को धनराशि जारी की गई है लेकिन कूड़ा निस्तारण केंद्रों के निर्माण व अन्य कार्यों में सुस्ती बरती जा रही है। खराब प्रगति वाले सचिवों का वेतन रोका गया है और संबंधित प्रधानों को चेतावनी दी गई है। - यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ, बलिया