स्थानीय पुराना दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम जन्म महा महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग जीवंत हो उठा। श्रद्धालुओं ने श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प। कथावाचक विजय कौशिक महाराज ने प्रभु के जन्म, बाल्यकाल और जनकपुर यात्रा का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि पूरा पंडाल अवध में आनंद भयो और जय रघुवर लाल की जैसे सोहर गीतों से गूंज उठा। जैसे ही राम जन्म की मंगल बेला का चित्रण हुआ, श्रद्धालु अपनी जगहों पर खड़े होकर झूमने लगे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। महाराज ने माता कौशल्या को प्रभु के अद्भुत रूप के दर्शन और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर गमन के प्रसंगों का सजीव चित्रण कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सूर्य प्रकाश सिंह, धर्मराज सिंह और अन्य अतिथियों द्वारा आरती के साथ किया गया। आयोजन को सफल बनाने में बिट्टन सिंह, डॉ. समरजीत सिंह, गणपति मुन्ना, धनु सिंह और संजय गुप्ता सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों का सक्रिय सहयोग रहा। संवाद