बलिया। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती एक नवजात बच्ची के गायब होने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। खोजबीन के बाद बच्ची को दूसरे परिजन मऊ लेते गये थे। चिकित्सकों व परिजनों ने मऊ से वापस बच्ची को लाकर भर्ती करवाया। इसे लेकर पूरे दिन गहमागहमी बनी रही। इब्राहिमाबाद गांव निवासी नारायण रजक की पत्नी ममता को 13 जुलाई को बच्ची पैदा हुई थी। बच्ची की तबीयत खराब होने पर बालरोग चिकित्सक ने उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर दिया। सोमवार की रात भर्ती बच्ची को देखने परिजन पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने दूसरे का बच्चा होने की जानकारी दी। पूर्व में ली गई तस्वीर से परिजनों ने मिलान करवाया तो डॉक्टर के होश उड़ गए। इधर, परिजनों ने हंगामा कर दिया। पूरे अस्पताल में खलबली मच गई।
अस्पताल प्रशासन ने सीसी कैमरे व रिकार्ड को खंगाला गया तो सेम नाम होने के कारण गलती से बच्ची को दूसरे परिजन लेकर मऊ चले गए थे। एसएनसीयू वार्ड में राजकुमार पासवान की पत्नी ममता की बीमार बच्ची भी भर्ती थी। तबीयत ज्यादा खराब होने पर डा. रजनीकांत ने उसे रेफर कर दिया। परिजन अपनी बच्ची के चक्कर में नारायण की बच्ची को लेकर मऊ लेकर चले गए, वहां एक निजी अस्पताल में भर्ती भी करा दिया। वहीं, दूसरी तरफ अस्पताल में बच्ची बदले जाने की जानकारी होने पर डाक्टर परिजनों को अपने वाहन से लेकर मऊ से उस बच्ची को लाए और दूसरी बच्ची को उनके परिजनों को देकर मऊ भेजा। इस घटना को लेकर पूरे दिन अस्पताल में चर्चा का बाजार गर्म रहा।
सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा ने डयूटी के दौरान मौजूद सभी स्टाफ से मामले की जानकारी कर चेतावनी दी। इसके पूर्व भी अस्पताल में बच्चे बदले जाने के कई मामले हो चुके हैं। सीएमएस डा. सुमिता सिन्हा ने कहा कि एकजैसा नाम होने और परिजनों द्वारा पहचान करने के बाद ही बच्ची दी गई थी। इसकी जानकारी होने पर तत्काल बच्ची को लाकर भर्ती कर दिया गया।