सामाजिक कार्यों के लिए बनी संस्था की मदद से लापता युवक की 11 साल बाद जब घर वापसी हुई तब परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। सिजोफ्रेनिया नामक बीमारी से ग्रसित 30 वर्षीय राजीव वर्मा निवासी मलपहरसेनपुर 2013 में अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने नगरा पुलिस को तहरीर देकर न्याय गुहार लगाई थी, लेकिन राजीव को ढूंढने के सारे प्रयास विफल हो गए थे।
इधर लखनऊ में आशा वेलफेयर सोसाइटी की मदद से राजीव रविवार की शाम अपने घर वापस पहुंच गया। राजीव आशा वेलफेयर सोसाइटी की टीम को हनुमान सेतु लखनऊ के पास जनवरी 2024 में गंभीर हालत में मिला था। गंदे पुराने कपड़े, बड़े-बड़े बाल और नाखून थे। सोसायटी की टीम युवक को संस्था लेकर आई। न तो वह अपना घर बता रहा था न ही जनपद का नाम। जांच कराई गई और मानसिक स्थिति समझने के बाद इलाज किया जाने लगा। धीरे-धीरे राजीव की हालत में सुधार होने लगा।
उसको रोजाना की गतिविधियों में शामिल किया गया और काउंसिलिंग की गई। करीब तीन महीने इलाज के बाद जब हालत में सुधार हुआ तो उसने अपने घर का पता बताया और अपने घर जाने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद आशा वेलफेयर सोसायटी ने राजीव को उसके घर मलपहरसेनपुर थाना नगरा पहुंचाया। परिजनों ने जैसे ही राजीव को देखा उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल गए। मां मुराती देवी ने उसे अपने आंचल में समेट लिया।