मौसम की बेरुखी जारी है। बुधवार की रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से दलहनी-तिलहनी फसलें भी काफी प्रभावित हुई हैं। दो दिनों पहले बुधवार को किसान दिवस पर भी किसानों की ओर से प्राकृतिक आपदा के तहत फसलों के सर्वे की मांग की गई है। मौसम विभाग पटना ने बताया है कि शुक्रवार से मौसम साफ होने लगेगा लेकिन 27 को एक बार फिर मौसम के मिजाज बिगड़ने की संभावना है।
इस महीने में कई बार मौसम का मिजाज बदला। बुधवार को भी मौसम में अचानक बदलाव हुआ और भोर में बारिश हुई। हालांकि पूरे दिन मौसम साफ रहा, लेकिन देरशाम में फिर रुक-रुक कर बारिश हुई। बृहस्पतिवार को भी मौसम साफ नहीं रहा। कभी धूप तो कभी बूंदाबांदी होती रही। इसके चलते ठंड में मामूली इजाफा हो गया। हल्की बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन होने से लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। मौसम बदलने व बारिश होने से सबसे अधिक असर दलहनी फसलों पर पड़ा है। मसूर, चना आदि के फूल समाप्त हो चुके हैं। वहीं सरसों के फूल गिरने के कारण यह फसल भी काफी प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार जो गेहूं व जौ की फसलें गिर गई हैं, उनके भी दाने काफी कमजोर हो जाएंगे।
बारिश ने किसानों के अरमान पर फेरा पानी
नरहीं। बेमौसम बारिश ने हजारों किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि मसूर की खेती प्रभावित हो गई है और इसका प्रतिकूल असर पैदावार पर पड़ेगा।
बेमौसम बारिश एक प्राकृतिक आपदा है। बीमित किसानों की ओर से सूचना मिलने के बाद बीमा एजेंसी की ओर से सर्वे किया जाएगा। - पवन कुमार प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी, बलिया।