प्रशासन की उदासीनता और मनमानी से धान क्रय केन्द्रों पर खरीदारी ठप है। इसके कारण किसान अपने अनाज लेकर दरदर भटकने को मजबूर हैं। किसानों के लिए कोढ़ में खाज जैसी हालत यह है कि सरकार अपने कृषि बीज भंडार से संकर धान की बीज तो बेच रही है लेकिन किसानों से संकर धान की खरीद नहीं कर रही है। इस साल अत्यधिक बारिश के कारण धान के फसल की कटाई विलंब से हुई। सरकार ने धान की खरीदारी तो एक अक्तूबर से ही शुरू कर दी थी लेकिन धरातल पर खरीदारी 15 नवंबर के बाद शुरू हुई। सप्ताह भर की खरीदारी के बाद क्रय केन्द्रों पर खरीदारी ठप हो गई है। किसानों का कहना है कि सरकार की मंशा धान खरीदने की ही नहीं है। उधर क्रय केन्द्र प्रभारी का कहना है कि पर्याप्त बोरे और जगह के अभाव में खरीदारी नहीं हो रही है।