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जनसेवा केंद्रों के नवीनीकरण के बीच फंसे 30 हजार आवेदन, छात्रों की बढ़ी मुकिश्लें

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4द्घठ्ठ/जिले के जनसेवा केंद्रों के नवीनीकरण का कार्य करीब पखवाड़ेभर से चल रहा है। ऐसे में इन केंद्रों से पूर्व में भरे गए करीब 30 हजार आवेदन फंस गए हैं। इनका निबटारा भी तहसीलों से प्रभावित है। एक माह से कोई भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहे हैं। जबकि छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक है इसलिए छात्र भी परेशान हो रहे हैं। आठ साल पहले सरकार ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए ग्रामीणों को घर बैठे सुविधाएं देने की व्यवस्था की थी। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में जनसेवा केंद्र संचालित किए गए थे। इनकी जिम्मेदारी बतौर सेवा प्रदाता एजेंसी वयमटेक को दी गई। हालांकि पांच साल पहले जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल कर लिया गया और सभी सेवाओं को इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। 20 दिनों पहले प्रदेश सरकार ने जिले में संचालित जनसेवा केंद्रों के संचालन के दो सेवा प्रदाता एजेंसी वयमटेक व बीएलएस को जिम्मेदारी दी है। सेवा प्रदाता एजेंसियों की ओर से जनसेवा केंद्रों का ऑनलाइन पंजीकरण व शुल्क जमा कराते हुए नवीनीकरण किया जा रहा है। हालांकि एक पखवाड़ा में अधिकांश जनसेवा केंद्रों का नवीनीकरण नहीं हो सका है। उधर, इस प्रक्रिया के कारण केंद्रों से भरे गए आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों का निबटारा भी तहसीलों से नहीं हो रहा है। ऐसे में विभिन्न तहसीलों में 30 हजार से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। जिले में कुल 1195 जनसेवा केंद्र संचालित हैं। इनके नवीनीकरण के कारण 16 नवंबर से कोई काम नहीं हो पा रहा है। हालांकि यह व्यवस्था दी गई थी कि पूर्व के आवेदनों के प्रमाण पत्र प्रिंट किए जा सकेंगे लेकिन प्रमाण पत्र ही तहसीलों से जारी नहीं हो पा रहे हैं। तहसीलदार बलिया गुलाब चंद्रा ने बताया कि जनसेवा केंद्रों के नवीनीकरण व सेवा प्रदाता एजेंसी के चयन के कारण ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा में संशोधन कार्य चल रहा था। इसके चलते आवेदनों का निबटारा नहीं हो पा रहा है। अब सब ठीक हो चुका है, जल्द ही प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
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