प्रदेश में पुलिस भर्ती निकलने के साथ ही अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र के भी आंदोलन में तेजी आ गई है। मंगलवार को कलक्ट्रेट से तहसील तक अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र को लेकर उबाल देखा गया। गोंड, खरवार समुदाय के युवाओं ने धरना-प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। धरना-प्रदर्शन में भाजपा एसटी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
उप्र पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए 1204 सीटें आरक्षित की गई हैं। शासन से जिले में निवास करने वाले गोंड, खरवार समुदाय को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गई है। इन्हें (एसटी) जाति प्रमाण जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन करने पर लेखपाल व तहसीलदार आवेदन निरस्त कर दे रहे हैं। इसे लेकर गोंड, खरवार समुदाय के युवाओं ने कुंवर सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री कृष्णा कुमार गोंड, सतीश चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पुस्तकालय मंत्री जितेंद्र गोंड, आल गोंडवाना स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार गोंड, संरक्षक अरविंद गोंडवाना, लल्लन प्रसाद गोंड के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। जुलूस के शक्ल में सदर तहसील पर पहुंचे। तहसीलदार के प्रतिनिधि को भी पत्रक सौंपा। कहा कि जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करना प्रारंभ नहीं किया जाता है तो 28 दिसंबर से अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रवीण कुमार गोंड, संजय गोंड, सुरेश, जिउत गोंड, अलगू गोंड, बेचू गोंड, लालजी गोंड, संजीत गोंड, शिवशंकर खरवार, मुलायम गोंड, सुचित गोंड, सुदेश शाह, आजाद गोंड, अवनिश कुमार, सत्यम गोंड, राहुल खरवार, प्रदीप कुमार गोंड, अंकित खरवार, सचिन कुमार, सोनू गोंड, ऋतिक शाह, दीपक गोंड, ओमप्रकाश गोंड, सतीश गोंड रहे। वहीं, सिकंदरपुर में गोंड महासभा के नेता हीरालाल गोंड व भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गोरखपुर प्रांत दिलीप कुमार के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी व तहसीलदार सिकंदरपुर को पत्रक सौंपा। चेताया की अगर प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया तो दो जनवरी को गांधीवादी तरीके से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। श्याम सुंदर, कृष्ण मोहन, विजय गोंड, गणेश, विशाल, अरविंद, राकेश, धर्मेंद्र, इंद्रजीत, अंगद, कमलेश, प्रिंस और अंकित आदि थे।