जिसका परिणाम रहा कि दो घंटे बाद पुलिस टीम ने फरार बंदी को जिला अस्पताल के पास से ही धर दबोचा। मामले में एएसपी डीपी तिवारी ने कहा कि फरार हुआ बंदी पुलिस की गिरफ्त में है। उसकी तबीयत खराब थी, जिसके कारण वह शौच जाने की बजाए बगल के एक कमरे में लेट गया था। बंदी रक्षकों को लगा कि वह फरार हो गया है और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों अग्रसारित कर दी।
जिला अस्पताल से बंदी के फरार होने का इस वर्ष यह दूसरा वाकया है। इसके पूर्व बीते 23 जून को दुष्कर्म के मामले में बंद आरोपी फरार हो गया था। लेकिन पुलिस ने उस घटना से सबक लेना जरूरी नहीं समझा। शुक्रवार को इसी तरह का एक और मामला सामने आ गया।