बलिया। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा किनारे 200 हेक्टेयर में ग्रीन कॉरिडोर बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए चयनित किसानों को जल्द ही विभिन्न किस्मों के फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। उद्यान विभाग की ओर से उम्दा किस्म के फलदार पौधे उपलब्ध कराने के लिए बस्ती के पौधशाला को डिमांड भेजी गई है। पौधे उपलब्ध होते ही इसे लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने तथा गंगा की धारा अविरल बनाने को लेकर सरकार की ओर से तरह-तरह की कवायद की जा रही है। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत उद्यान विभाग ने दो वर्ष पहले नमामि गंगे योजना के तहत गंगा किनारे के गांवोंमें आम अमरूद, नीबू, बेर सहित सहित कई फलों के बाग लगाने की योजना बनाई थी। इसमें गंगा किनारे के खेतों में फलदार बाग लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए किसानों को पौधे उपलब्ध कराए जाने हैं और तीन वर्ष तक संबंधित किसान को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देने की भी व्यवस्था है। अब यह योजना मूर्तरुप लेने को बढने लगा है। गंगा किनारे के गांव चिह्नित किए गए हैं। इस वर्ष शासन की ओर से गंगा किनारे के 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्यान्न विभाग ने बताया कि 40 हेक्टेयर में फलदार बाग लगाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। शेष के लिए बस्ती जिले के पौधशाला से फलदार पौधे की डिमांड भेजी गई। यह पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
गंगा किनारे फलदार बागवानी को लेकर प्रक्रिया शुरु की गई है। 40 हेक्टेयर में बागवानी का कार्य शुरु हो चुका है। फलदार पौधे की डिमांड भेजी गई है, जल्द ही किसानों को पौध उपलब्ध कराए जाएंगे।
- शीतला प्रसाद वर्मा, प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी