बलिया। जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। डीएम सौम्या अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण किया। इसके बाद गांधीजी और शास्त्री के चित्र का अनावरण करते हुए दीप जलाकर दोनों महापुरुषों को नमन किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में गोष्ठी हुई। रामधुन के गायन के बाद दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार थे। जय जवान-जय किसान जैसे ऊर्जावान नारे के उद्घोषक शास्त्री की बात की जाए तो वह असली कर्मयोगियों में एक थे। उनका कद जितना छोटा था, व्यक्तित्व उतना ही बड़ा। सीआरओ अनिल अग्निहोत्री, एडीएम राजेश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार, सेनानी रामविचार पांडेय और साहित्यकार शिवकुमार कौशिकेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कल्याण परिषद की ओर से बापू भवन क्रांति मैदान से महात्मा गांधी प्रतिमा से शहीद पार्क चौक तक शांति मार्च निकाला। सेनानी रामविचार पांडेय, शिवकुमार सिंह कौशिकेय, रविंद्र सिंह तेवतिया, अशोक, रजनीकांत सिंह, मंजय सिंह, दिलीप कुमार, अखिलेश पांडेय मौजूद रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश सर्वेश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में जिला कारागार में ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर लगाया गया। सर्वेश कुमार मिश्र ने कहा गया कि गांधीजी अहिंसा के पुजारी थे। गांधी जी के इस सिद्धांत को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिलने के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ ने 15 जून 2007 को गांधीजी की जयंती दो अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया। जेलर राजेंद्र सिंह, उपकारापाल रीना तिवारी उपस्थित रहे। जिला कांग्रेस कमेटी भवन पर जयंती ओमप्रकाश पांडेय की अध्यक्षता में मनाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सत्य और अहिंसा के पुजारी बापू ने देश को आजादी दिलाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाई। राजेन्द्र चौधरी, उमाशंकर पाठक, विजय पांडेय, विश्वजीत सिंह, लल्लू सिंह, ओम प्रकाश तिवारी, मुन्ना उपाध्याय, जैनेन्द्र पांडेय, सागर सिंह राहुल आदि थे।
जेएनसीयू में अंग्रेजी तथा समाजशास्त्र विभाग की ओर से ‘गांधी : वर्तमान संदर्भ में’ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने वर्तमान समय के विरोधाभासी विश्व व्यवस्था में गांधी जी के विचारों और मूल्यों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कहा कि गांधी जी आधुनिकता के विरोधी थे। ये विचार भ्रामक हैं। गांधी जी ‘भौतिकतावादी आधुनिकता’ के विरोधी थे। डॉ. पुष्पा मिश्रा, डॉ. अजय कुमार चौबे, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विवेक कुमार यादव, डॉ. स्मिता त्रिपाठी, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी थे। डॉ. अजय कुमार चौबे की ओर से संपादित पुस्तक ‘गांधी अक्रॉस डीसिप्लिन्स’ के आवरण पृष्ठ का अनावरण किया गया। रोटरी क्लब ने ऑफीसर्स क्लब में बच्चों के साथ जयंती मनाई। शैलेंद् स्वरूप श्रीवास्तव ने विचारों को साझा किया। संचालन क्लब सचिव डॉ. मुकेश वर्मा ने किया। ताहिर सिद्दीकी, अमिताभ शंकर श्रीवास्तव, घनश्याम सिंह आदि थे।
ग्रामीण क्षेत्रों तक रही धूम
बलिया। महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर अबरार अहमद और जाकिर हुसैन ने गरीब व असहाय बच्चों को पुस्तक, कॉपी, रबड़, पेंसिल और पेन वितरित किया। पुस्तक और काफी पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इसरार अहमद, मोबीन आलम, संतोष सिंह, राकेश पांडेय आदि मौजूद रहे। जयप्रकाश नगर स्थित स्मारक प्रतिष्ठान में जयंती मनाई। व्यवस्थापक अशोक कुमार सिंह, चंदन सिंह, रजनीकांत, वसुंधरा, ज्ञानेंद्र वर्मा, राहुल वर्मा थे। बैरिया तहसील के सभागार में एसडीएम अत्रेय मिश्र, तहसीलदार संजय सिंह ने माल्यार्पण किया व रामधुन का गायन किया। डॉ. लोहिया उच्चतर मध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक अरुण कुमार चौबे ने माल्यार्पण किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। द्वाबा संस्कृत प्रचार समिति महाविद्यालय में विविध कार्यक्रम हुए। प्रबंधक नरेंद्र बहादुर राय, प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार राय, चंदन राय, आशुतोष राय, मृत्युंजय उपाध्याय थे। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर भोजापुर में प्रधानाचार्य डा. राजेंद्र कुमार पांडेय की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि दी गई। अमरनाथ पीजी कॉलेज दुबे छपरामें प्राचार्य डॉ. गौरी शंकर द्विवेदी की अध्यक्षता में श्रद्धा के फूल अर्पित किए गए। बेल्थरारोड नगर पंचायत कार्यालय पर चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त ने ध्वजारोहण किया। प्रमोद सिंह, रणजीत कुशवाहा, सतीश गुप्ता, चंद्रभूषण वर्मा थे। अखिल भारतीय साहू समाज की ओर से बैजनाथ प्रसाद साहू के नेतृत्व में मैरिज हॉल में गोष्ठी की गई। सिकंदरपुर थाने में सीओ भूषण वर्मा व थाना प्रभारी योगेश यादव ने माल्यार्पण किया। जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने कहा कि गांधीजी ने कहा था कि अहिंसा वीरों का लक्षण और आत्मा का बल है। डा. राजीव चौधरी, डा. विद्यासागर उपाध्याय, संजय राय, मोहनकान्त राय, अखिलेश राय, सुरेश सिंह, रियाज अहमद थे।