बलिया। जिले में बिजली की आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक बिजली कटौती की जद में हैं। उधर, गड़हांचल के 67 गांवों में पिछले चार दिनों में महज 12 घंटे ही आपूर्ति हुई। बताया जाता है कि बसंतपुर उपकेंद्र का ट्रांसफर बदलने में अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। पिछले कई दिनों से रुक रुक कर लगातार बारिश हो रही है इसके चलते जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वहीं बिजली बिजली की आपूर्ति भी चरमरा गई है। शासन की ओर से नगरीय इलाकों को 24 घंटे व ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित किया गया है लेकिन यह जिले में कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पांच से आठ तो कहीं दो से चवार घंटे की आपूर्ति मिल रही है। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय पर भी 14 से 15 घंटे से अधिक की आपूर्ति नहीं मिल रही है। सबसे खराब हालत पिछले चार दिनों से सोहांव ब्लॉक के गड़हांचल इलाके की है। यहां पिछले चार दिनों में महज 12 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो सकी है। इसके चलते कई गांवों स्थापित पेयजल नलकूप बंद पड़े हैं तो लोगों के घरों में वाटर पंप के साथ ही अन्य उपकरण शोपीस बने हुए हैं। इतना ही नहीं बिजली के अभाव में मोबाइल टावर भी नहीं चल पा रहे हैं जिससे नेटवर्क की समस्या भी बनी हुई है। बताया जाता है कि पांच दिन पहले बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र का पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। इसके बाद दूसरा ट्रांसफार्मर सोमवार को उपकेंद्र पर पहुंचा लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरे दिन ट्रांसफार्मर गाड़ी पर रखा रहा। हालांकि मंगलवार की शाम ट्रांसफार्मर गाड़ी से उतरवा कर लगवाया गया लेकिन बुधवार की शाम तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। लोकल फॉल्ट के कारण कभी आपूर्ति प्रभावित होती है, रोस्टर पूरी तरह लागू करने का प्रयास किया जाता है। सोहांव ब्लॉक के बसंतपुर विद्युत उपकेंद्र पर दूसरा ट्रांसफार्मर लग गया ह। जल्द आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। दिनेश कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत