बैरिया। 12 लाख रुपये की फर्जी लूट की सूचना पर स्थानीय पुलिस हांफती रही। पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक व एसओजी की टीम मौके पर पहुंच गई। गहन जांच पड़ताल में लूट का मामला फर्जी निकला। पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने फर्जी सूचना देने वाले को समझाया बुझाया और चेताया कि आगे से इस तरह गलती न करें नहीं जेल भी जाना पड़ सकता है।
बैरिया थाना क्षेत्र के भुवाल छपरा (नौरंगा) निवासी राहुल पांडेय (20) पुत्र शिवाजी पांडेय ने सोमवार को अपने मोबाइल फोन से अपनी बहन नीतू पांडेय को सूचना दी कि मैं बैरिया से बाइक से शिवपुर घाट पर नाव पकड़ने जा रहा था। चांदपुर शीतगृह के सामने बाइक सवार दो युवकों ने चाकू से आतंकित कर मेरे पास से 12 लाख रुपए लूट लिए। राहुल की बहन नीतू ने इसकी सूचना 112 नंबर पर दे दी। 112 नंबर मौके पर पहुंची। इसकी सूचना प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह को दी। धर्मवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इसकी सूचना अपने अधिकारियों को दी। कुछ ही देर में पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित एसओजी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। शिकायतकर्ता का लोकेशन लिया गया तो बलिया में बताया। उसे बलिया से बुलवाया गया। पूछा गया कि लूट कहां हुई है। पैसा कहां से लाए थे। उसने बताया कि बैरिया पोस्ट ऑफिस से लोन लिया था। पुलिस उसे लेकर बैरिया पोस्ट ऑफिस गई तो पोस्ट ऑफिस में पता चला कि 12 लाख का कोई लोन नहीं हुआ है। उसने फिर बताया कि रानीगंज पोस्ट ऑफिस से लोन लिया है। वहां भी लोन की खबर को पोस्ट ऑफिस वालों ने गलत बताया। बाद में पुलिस ने कड़ाई से पूछा तो उसने बताया कि मैंने अपने पिताजी से बताया था कि 12 लाख रुपए कमा कर रखा हूं। पिताजी उस पैसे से जमीन खरीदने की बात कर रहे थे। मेरे पास पैसे थे ही नहीं। मैं अगर यह बात पिताजी को बताता है तो उनका हार्ट अटैक हो जाता। इसलिए मैंने लूट की फर्जी कहानी बनाई। अपनी बहन के माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दे दी। लूट की सूचना फर्जी निकलने पर पुलिस ने चैन की सांस ली। पुलिस अधीक्षक ने फर्जी सूचना देने वाले युवक को समझाने बुझाने के बाद चेतावनी देकर घर भेज दिया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुई है।