बलिया। टीबी के बारे में नवीनतम शोध के आधार पर वर्तमान परिवेश में उपचार को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हनुमानगंज स्थित निजी होटल में आयोजित किया गया। जिसमें टीबी से भारत को पूर्ण रूप से 2025 तक हराने के लिए चिकित्सकों को संकल्प दिलाने के साथी प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए विशेषज्ञों ने टीबी के बारे में नए नए शोध की जानकारी दी। मुख्य रूप से डॉ. संजय निरंजन ने टीबी के कारण व टीबी के प्रारंभिक लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. निरंजन ने कहा कि खांसी आकर ठीक हो जाती है बार-बार हंसी आती है और वेट कम होता जाता है। फीवर वेट और कफ तीनों चीज किसी भी व्यक्ति में है तो उसे टीबी की प्रारंभिक दवा चलानी चाहिए। इस मौके पर डॉ धीरज एम गुप्ता डॉ अजय श्रीवास्तव डॉ. तेज सिंह डॉ. आनंद कुमार मिश्रा सहित कई वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह, सीएमओ डॉक्टर जयंत कुमार तथा डीटीओ ने टीबी को जड़ से समाप्त करने की बात कही। कार्यक्रम में डॉ. अशोक सिंह, डॉ. राजेश केजरीवाल, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. पीके सिंह, डॉ. बी के गुप्ता आदि रहे।