बलिया। सामूहिक विवाह योजना में हुए भ्रष्टाचार को लेकर जांच के साथ ही कार्रवाई भी जारी है। बलिया में आए समाज कल्याण मंत्री ने सोमवार शाम को को इस योजना को लेकर पूरे प्रदेश में जांच का निर्देश दिया है। प्रदेश में कुल 1,40,163 आवेदनों में ले 66,192 जोड़े की शादियां कराई गई हैं। इन सभी को जांच में शामिल किया गया है। हालांकि 30,015 लाभार्थियों का भुगतान नहीं हुआ है जिसे रोक दिया गया है। शासन ने आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई का निर्देश दिया है।
डीएम के निर्देश पर रिकवरी किए गए सामानों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर 17 जनवरी को सीयर ब्लॉक के हल्दीरामपुर में आयोजित सामूहिक विवाह के लाभार्थियों की भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। बीते 25 जनवरी को मनियर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में हुए फर्जीवाड़ा की एक ओर जहां जांच जारी है वहीं कार्रवाई भी लगातार हो रही है। सामूहिक विवाह समारोह में कई दूल्हा गायब थे और कन्याएं घूंघट में खुद ही वरमाला डाल रही थीं। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सीडीओ ने इस मामले की जांच के लिए जिलास्तरीय 20 अधिकारियों की टीम बनाई। शुरुआती जांच में ही फर्जीवाड़ा में एक एडीओ समाज कल्याण की संलिप्ता व आठ अपात्र लाभार्थियों के नाम सामने आने पर इन सभी के खिलाफ मनियर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। योजना में सक्रिय दलालों को पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश भी गांवों में जारी है। बताया जाता है कि पुलिस ने दो और लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। लेकिन इस बाबत बताने से बच रहे हैं। मंगलवार को भी विकास भवन में पुलिस की चहल कदमी रही और इसको लेकर समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग से लेकर अन्य कर्मियों में खलबली रही। सूत्रों के अनुसार पुलिस की निगाह पर दलालों के साथ ही अभी और कर्मी भी हैं।
बाबू ने उगले कई राज, बड़े अफसरों के कार्यालय तक जुड़ सकते हैं तार
सामूहिक विवाह योजना में हुए भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद से ही लगातार कार्रवाई जारी है। बताया जाता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव को शादी अनुदान पटल का आवंटन किया गया था। करीब दो वर्ष पहले ही यह मऊ जिले से स्थानांतरित होकर आए थे। बताया जाता है कि पुलिस की पूछताछ में बाबू ने कई राज उगले हैं। एक दर्जन से अधिक दलालों का नाम पता व मोबाइल नंबर भी बाबू ने पुलिस को दिया है। इतना ही नहीं भ्रष्टाचार की धनराशि कहां-कहां तक पहुंचाता था उसका भी ब्योरा पुलिस को दिया है। सूत्रों की मानें तो कई उच्चाधिकारियों के कार्यालय तक उसके तार जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह सब कुछ पुलिस बताने से बच रही है।
भ्रष्टाचार से खड़े किए हैं साम्राज्य
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का पकड़ा गया वरिष्ठ सहायक का जिले में दूसरा कार्यकाल है। बताया जाता है पूर्व में भी यह जिले में रह चुके हैं। सूत्रों की मानें तो वरिष्ठ सहायक ने भ्रष्टाचार से कई साम्राज्य खड़ा किया है जिसमें अंबेडकर नगर में एक कॉलेज भी है। गाजीपुर में लंबे समय रहे यह कर्मी काफी चर्चित रहे हैं।
एसडीएम की टीम ने शुरू की सामानों का सत्यापन
सामूहिक विवाह योजना में हुए भ्रष्टाचार व फर्जीवाड़ा मामले में एक ओर जहां सीडीओ ओजस्वी राज की ओर से लगातार मॉनिटरिंग कर कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं और हर स्तर पर जांच कराई जा रही है वहीं दूसरी ओर डीएम रविंद्र कुमार भी हर पहलू को खंगालने में जुटे हैं। अपात्रों से रिकवरी हुई सामानों की भी जांच शुरु हो चुकी है। जिलाधिकारी ने इसकी जिम्मेदारी दो एसडीएम व चार जिला स्तरीय अधिकारियों को दी है।
अपात्रों के आवेदनों को भी पुलिस ने लिया कब्जे में
सीडीओ की ओर से सोमवार को पूरे दिन आवेदनों की जांच कराई गई। जो भी आवेदन अपात्रों के मिले हैं उसे पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जाता है कि पुलिस की ओर से इन आवेदनों को जांच में शामिल करते हुए हर पहलू को परखेगी और दलालों को पकड़ेगी। मुकदमा में अपात्रों का नाम भी शामिल किया जा सकता है।
अभी भी जांच जारी, पात्र का न हो सके अहित
सामूहिक विवाह में हुए फर्जीवाड़ा की जांच अभी भी जारी है। सीडीओ के अनुसार जांच काफी बारीकी से कराई जा रही है ताकि किसी पात्र का अहित न हो सके। जांच में कई बिंदुओं को शामिल किया गया है ताकि अपात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
हल्दीरामपुर में हुए सामूहिक विवाह की भी हो रही जांच
17 जनवरी को सीयर ब्लॉक के हल्दी रामपुर में भी सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें कुल 551 जोड़ की शादियां कराई गई थी। हालांकि दूसरे दिन ही नगरा ब्लॉक के लाभार्थियों ने सामान नहीं मिलने की शिकायत की और इसको लेकर हंगामा भी हुआ। लेकिन लाभार्थियों को ब्लॉक स्तर से सामान देकर मामले में दबा दिया गया। अब डीएम की ओर से इन शादियों की भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। इसमें भी बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।
आवेदनों की जांच अभी चल रही है, बारीकी से जांच कराई जा रही है ताकि किसी पात्र का अहित न हो और अपात्र कार्रवाई से बच नहीं सके। अभी कार्रवाई जारी रहेगी।- ओजस्वी राज, सीडीओ, बलिया।