बलिया। बलिया डिपो के यात्रियों को कंडम रोडवेज बसों से जल्द छुटकारा मिलेगा। परिवहन निगम के बेड़े में बेहतर स्थिति की 75 फीसदी प्राइवेट बसें शामिल की जाएंगी। इन्हें अनुबंध पर लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग के सचिव ने क्षेत्रीय प्रबंधक को इस संबंध में पत्र भेजा है।
परिवहन निगम के प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू ने 15 अक्तूबर को बलिया डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उमाकांत मिश्रा को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की जर्जर बसों को हटाकर उनके स्थान पर प्राइवेट बसों का अनुबंध कर बेड़े में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
बसें चलाने के लिए ड्राइवर और कंडक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से ठेके पर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बस स्टैंडों पर यात्रियों के बैठने की सुविधा, शौचालय, पानी, बिजली की बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन निगम बलिया डिपो के बेडे़ में 81 बसें हैं। इनमें 10 फीसदी बसों की उम्र पूरी हो चुकी है। इन्हें ठोक पीटकर मार्ग पर चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ड्राइवर और कंडक्टरों की कमी से आए दिन डिपो में 14 बसें खड़ी रहती हैं। नए नियम के अनुसार बलिया डिपो में 75 फीसदी यानी 55 बसें अनुबंध कर चलाने की संभावना है।
25 फीसदी ही चलेंगी परिवहन निगम की बसें
अफसरों को मिले पत्र के अनुसार, प्रदेश में बसों की जर्जर स्थिति को मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए शनिवार को परिवहन निगम के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। समीक्षा के बाद निर्देश दिए कि अब निगम में 75 फीसदी प्राइवेट बसें अनुबंध पर लगाई जाएंगी और 25 फीसदी बसें निगम अपनी चलाएगा। पहले निगम को सिर्फ 25 फीसदी ही प्राइवेट बसों को अनुबंध पर लगाने के आदेश थे।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उमाकांत मिश्रा ने बताया कि प्राइवेट बसों को अनुबंध पर रखने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राइवेट बस मालिकों के साथ बैठक कर उन्हें शासन के नियमों से अवगत कराया गया है। सहमति बनते ही अनुबंध कर बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।