बलिया। नगर पालिका बोर्ड की बैठक रद होने के मामले में चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी ने कहा कि जब ईओ बोर्ड के अनुमोदन के बगैर ऐतिहासिक ददरी मेला का आयोजन करा सकते हैं तो ऐसी कौन सी परिस्थिति आ गई कि मुझे बताए बिना आनन-फानन में बोर्ड की बैठक बुलाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके लिए नपा बोर्ड कोई मायने नहीं रखता। महज सभासदों को गुमराह करने और मुझे बदनाम करने के लिए 17 दिसंबर को नपा के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा द्वारा बोर्ड की बैठक बुलाने का स्वांग रचा गया था। प्रेस को जारी नोट में चेयरमैन ने आरोप लगाया कि मेरे बलिया में रहने के बावजूद अधिशासी अधिकारी द्वारा बोर्ड की बैठक के संबंध में मुझे जानकारी न देना, उनके मनमाने एजेंडे को दर्शाता है। उल्लेख किया कि 19 अक्तूबर 2019 को बोर्ड की बैठक के बाद कोरोना काल आरंभ हो गया और लॉकडाउन लग गया। इसके पश्चात, 23 सितंबर 2020 को नगर के विकास कार्यों को देखते हुए जब मेरे द्वारा बोर्ड की बैठक बुलाई गई, तब सभासदों ने कोरोना काल का हवाला देकर बोर्ड की बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया। आखिर अब ऐसी कौन सी परिस्थिति आ गई कि ईओ ने मुझे बिना संज्ञान दिए बोर्ड की बैठक का एजेंडा तैयार किया और बिना मेरी जानकारी के बैठक बुलाई।