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पछुआ हवा के प्रकोप से लुढ़का पारा,सर्दी ने छुड़ाई कंपकंपी

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बलिया। ठंड ने अब असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार की रात इस सीजन की अभी तक की सबसे ठंडी रात रही, जिसमें न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा। नतीजा यह रहा कि रविवार को सुबह ठंड ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। न्यूनतम के साथ ही अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई। रविवार सुबह सात बजे तक घना कोहरा छाया रहा। ऐसे में सड़क यातायात बाधित रहा। दिसंबर माह चल रहा है। जिले में 15 दिसंबर से 15 जनवरी का समय सबसे अधिक ठंड का माना जाता है। ऐसे में इस बार भी 15 दिसंबर यानी बुधवार से ठंड ने असर दिखाया। हालांकि पारा शुक्रवार से लुढ़कना शुरु हुआ और शाम से ही ठंड बढ़ने लगी थी। खासकर सड़कों पर रहने वालों पर शुक्रवार की रात मुश्किल गुजरी थी। सर्दी के साथ अब कोहरा भी असर दिखाने लगा है। रविवार सुबह सात बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। दिन में भी सूरज के ताप में भी कमी का अहसास रहा और पछुआ हवा का बढ़ता प्रकोप हाड़ कंपाने वाला रहा। ऐसे में दिन में भी ठिठुरन बरकरार रही। लोगों को ठंड से बचाने के लिए नगर पालिका प्रत्येक वर्ष स्थायी रैन बसेरों के साथ ही अस्थायी रैन बसेरे भी बनाते हैं। इसके अलावा शहर में प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की भी व्यवस्था की जाती है। मगर इस बार कुछ नगर पालिका अभी तक ठोस व्यवस्था नहीं कर सकी है। मिड्ढी में एक स्थायी रैन बसेरे पहले से संचालित हैं। अस्थायी के लिए चित्तू पांडेय चौराहा और रोडवेज स्टेशन परिसर में अस्थाई रैन बसेरा बनाया गया है। जबकि शहर में कहीं अलावा जलाने की व्यवस्था अभी शुरू नहीं हुई है। अलाव पूरी तरह चालू हो जाएं तो लोगों को राहत के साथ साथ ठंड से निजात भी मिलेगी। ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि नगरपालिका द्वारा चिह्नित स्थानों पर रैन बसेरे पहले से संचालित हैं। नपा के कर्मचारी रात में सड़कों पर सोने वालों को उठाकर रैन बसेरे में जाने को कहते हैं। जल्द ही शहर के प्रमुख स्थानों पर अलाव शुरू किया जाएगा।
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