बैरिया थाना क्षेत्र के दूबे छपरा के पास एनएच 31 पर शरण लिए कटान पीड़ित बरमेश्वर गोंड़ (65) वर्ष पुत्र स्व. चंद्र देव की बुधवार को हाईटेंशन तार से रिहायशी मड़हे में लगी आग बुझाने के प्रयास में करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के जिए जिला अस्पताल भेज दिया।
एनएच 31 पर शरण लिए कटान पीड़ित बरमेश्वर गोंड के रिहायशी मड़हे के ऊपर से बिजली का हाईटेंशन तार गया है। तीन दिन पूर्व बिजली विभाग ने उसके मड़हे से सटा कर एक दूसरा पोल लगा दिया था। बुधवार की सुबह हवा के झोकें से हाईटेंशन तार नए पोल में सट गया। पोल में लगी कुंडी के सहारे करंट पोल के द्वारा नीचे उतर गया, जिसकी चपेट में आने से मड़हे में आग लग गई।
बरमेश्वर मढ़हे की आग बुझाने के प्रयास में विद्युत पोल में सट गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर एसडीएम बैरिया सुनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी बैरिया उस्मान, एसएचओ धर्मबीर सिंह, एसआई संतोष सिंह मौके पर पहुंच गए।
मृतक बरमेश्वर गोड की दो पुत्रियां है। दोनों की शादी हो गई है। बरमेश्वर अपनी पत्नी कलावती देवी (62) के साथ दुबे छपरा ढाला के समीप एनएच 31 के किनारे रिहायशी मड़हे में रह रहा था। हालांकि शासन ने उसे बसाने के लिए अचलगढ़ में पट्टा दिया था, लेकिन कब्जा नहीं होने से वह एनएच 31 पर ही गुजर बसर कर रहा था।