बलिया। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों के 50 से अधिक ग्राम पंचायतों की शिकायतों की जांच संबंधित सचिवों की ओर से अभिलेख उपलब्ध कराने के कारण लटकी हुई है। अब इन सचिवों को चिह्नित करने का काम डीपीआरओ ने शुरू कराया है। सभी जांच अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
उधर, अब पंचायती राज विभाग ने जांच जल्दी और कम समय में हो सके इसके लिए तरीके में बदलाव किया है। अब जांच अधिकारी को शिकायती पत्र के साथ ही अभिलेख भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों को लेकर आए दिन शिकायतें मिलती हैं लेकिन जांच में वर्षों लग जाते हैं। इसके पीछे संबंधित सचिवों की ओर से समय से अभिलेख उपलब्ध नहीं कराना होता है, क्योंकि अधिकांश जांच अधिकारियों की ओर से इसकी सूचना दी जाती है।
पिछले दिनों में इस तरह के मामले में डीपीआरओ की ओर से कई सचिवों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अभी भी करीब 50 ग्राम पंचायतों की जांच विभिन्न अधिकारियों के यहां लंबित हैं। इन अधिकारियों से जांच के बाबत प्रगति व अभिलेख मिले या नहीं की इसकी जानकारी मांगी गई है ताकि संबंधित सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व के समय की लंबित जांचों का निस्तारण कराने का कार्य चल रहा है। अब जांच के लिए अधिकारी को अभिलेख भी उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।