रोडवेज बस यात्रियों के लिए खुशखबरी है। यात्री अब रेलवे की तर्ज पर रोडवेज बसों को भी ट्रैक कर सकेंगे। इसके लिए रोडवेज ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द ही यात्रियों को रोडवेज बसों को भी लोकेट कर ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी। ये सारी सुविधा यात्रियों को एप के जरिये मिलेगी। यात्रियों को संबंधित बस की लोकेशन की जानकारी के लिए एप पर उस बस का नंबर डालना होगा। वहीं एक शहर से दूसरे शहर जाने वाली बसों के रूट की जानकारी भी यात्री एप से हासिल कर सकेंगे। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिले के रोडवेज बस अड्डे पर करीब 67 बसें हैं। इनमें 28 अनुबंधित और शेष निगम की बसें हैं। इन बसों में जीपीएस लगाने की तैयारी है। इस प्रक्रिया के बाद चालकों की मनमानी पर रोक लगेगी। अब यात्रियों को स्टैंड पर खड़े होकर बस के इंतजार में समय बर्बाद नहीं करना होगा। जल्द ही ट्रेनों की तरह मोबाइल पर बसों की लोकेशन मिलने लगेगी। परिवहन निगम इसके लिए ट्रैक योर बस एप शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए सेवा कोड से यात्री बसों की लोकेशन देख सकेंगे। इसके लिए बलिया डिपो से बसों के नंबरों सहित सूची लखनऊ मुख्यालय भेजी जा चुकी है। इन नंबरों को एप पर फीड किया जाएगा। अमूमन रोडवेज बस चालकों की मनमानी के मामले सामने आते हैं। चालक जब चाहें, जहां चाहें बस खड़ी कर सवारियां भरते हैं। अपनी मर्जी से होटल ढाबों पर बसों को रोककर खड़े हो जाते हैं। मोबाइल एप सेवा शुरू होने के बाद इसमें ब्रेक लगेगा क्योंकि हर बस की लोकेशन लखनऊ स्थित मुख्यालय पर डिवाइस पर देखी जाएगी। इसके लिए मुख्यालय आईटी दफ्तर में काम शुरू हो गया है। इस मोबाइल एप के जरिये यात्री घर बैठे ही बस की लोकेशन देख सकेंगे। ताकि बस के आने के समय के हिसाब से घर से निकल सकें।
दूरी और किराया भी जान सकेंगे
बसों के लिए स्टैंड पर अनजान लोगों को सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ता है। अक्सर बस का इंतजार करते करते उनके जरूरी काम भी छूट जाते हैं। मोबाइल एप शुरू होने से यात्री जहां जाना चाहते हैं, उसकी दूरी और किराए की भी जानकारी ले सकते हैं। अभी तक यात्रियों को पूछताछ काउंटर पर लाइन लगानी पड़ती थी। अब इससे भी जल्द निजात मिल जाएगी।
बसों की लोकेशन मोबाइल पर देखने की सुविधा जल्द ही की जा सकती है। इसके लिए एक सेवा कोड बनेगा, जो लखनऊ मुख्यालय से कनेक्ट रहेगा। निगम की बसों के कोड फीड किए जाएंगे ताकि किसी भी क्षेत्र की बसों की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।-उमाकांत मिश्रा, एआरएम