बलिया। परिवहन निगम की बसों में अब एक पारदर्शी व्यवस्था लागू हो गई है। रोडवेज बसों में यात्रियों को जो टिकट दिए जा रहे हैं, वह सब ऑनलाइन हैं। ईटीआईएम ( इलेक्ट्रॉनिक टिकट इंटेलिजेंस मशीन) इंटरनेट से कनेक्ट है। अधिकारी कहीं से बैठकर बस नंबर के आधार पर पता कर सकते हैं कि कौन सी बस में कितने यात्री सवार हैं। और कितने यात्री कहां से सवार हुए हैं।
परिवहन निगम की बसों में पहले मैनुअल टिकट की व्यवस्था थी। परिचालक अपने हाथ से काटकर टिकट देते थे। बस में कितने यात्रियों ने सफर किया, कौन से स्टैंड से कितने यात्री सवार हुए। यह सब परिचालक नोट करता था। अधिकारियों को इसकी जानकारी तब होती थी।
जब बस स्टैंड पर पहुंचती और परिचालक यात्रियों के हिसाब से धनराशि जमा करता था। वर्ष 2009 में माईक्रो एफएक्स कनेक्ट है। कंपनी की ईटीआईएम लागू हुई, लेकिन इसमें यात्रियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं था। जब यह मशीन कंप्यूटर से कनेक्ट की जाती थी। तभी पूरा रिकॉर्ड निकलकर सामने आता था। वर्ष 2014 में इसका अपडेट वर्जन ट्राईमैक्स कंपनी ने दिया। इसमें कुछ नए फंक्शन थे। अब तक यह मशीन परिचालक चला रहे थे, लेकिन अब इसका नया वर्जन ओरियन प्रो कंपनी ने दिया है।
इस मशीन का नाम ईटीआईएम ही है, लेकिन अब यह सीधे इंटरनेट से कनेक्ट है। टिकट काटते ही रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाता है। अब अधिकारी ऑफिस से बैठे-बैठे यह पता कर सकते हैं कि बलिया से लखनऊ या कानपुर या फिर दूसरे शहर के लिए कितने यात्री सवार हुए कितने यात्री कौन से स्टैंड पर उतरे। वहां से कितने सवार हुए। बस के वापस आने से पहले उसका सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाता है। अब इससे परिचालक निगम के अधिकारियों को धोखा नहीं दे सकते।
बस का लोकेशन पता लगा सकते हैं अधिकारी
अब रोडवेज बसों में केवल यात्रियों का रिकॉर्ड ही ऑनलाइन नहीं रहेगा। अब अधिकारी यह भी पता कर सकते हैं कि रोडवेज बस कहां पहुंच चुकी है। कौन से स्टेशन पर और कितने समय में बलिया पहुंच जाएगी।
रोडवेज बसों में अब यात्रियों को ईटीआईएम से टिकट दिए जा रहे हैं। इसका सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन होता है। कोई भी अधिकारी कहीं से भी यह पता कर सकते हैं कि बस में कितने यात्री हैं, कितने टिकट कहां से बनाए गए। - उमाकांत मिश्रा, एआरएम, बलिया