बलिया। जिले के सभी अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों को अपने यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके लिए मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार ने आदेश जारी किया है। आदेश जारी होने से कम छात्र संख्या वाले मदरसा संचालकों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। जनपद में तीन अनुदानित और लगभग 134 मान्यता प्राप्त मदरसे यू डायस कोड के ऑनलाइन फिडिंग में जूझ रहे हैं।
ऐसे में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार जगन मोहन सिंह ने मदरसा पोर्टल पर भी छात्र-छात्राओं की संख्या ऑनलाइन करने का निर्देश जारी किया है। यू-डायस कोड को ऑनलाइन करने से जूझ रहे मदरसा संचालक को पोर्टल पर भी छात्र संख्या भरनी होगी। आदेश जारी होते ही कम छात्र संख्या वाले मदरसा संचालकों में हड़कंप मच गया है। छात्र-छात्राओं का आधार अनिवार्य कर दिए जाने से ऑनलाइन फिडिंग में हेरफेर भी नहीं हो सकेगा। इसके चलते मदरसा संचालक के दिक्कतें बढ़ गई हैं। इस संबंध जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन के क्रम में जिले के सभी मदरसा संचालकों को पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
मान्यता बचाने को जुगाड़ लगा रहे निजी स्कूल
केंद्र और प्रदेश सरकार ने समस्त सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों को अध्यापक और छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन फीडिंग का निर्देश दे रखा है। सरकार ने ऑनलाइन फीडिंग में विद्यार्थियों का आधार अनिवार्य कर रखा है। इसके चलते बिना मान्यता वाले स्कूल संचालकों के पौ बारह हो गए हैं। मान्यता नहीं होने के चलते उन्हें यू डायस कोड और छात्र - छात्राओं की संख्या का ऑनलाइन फीडिंग करने से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में मान्यता प्राप्त स्कूल संचालक, जिनके वहां संख्या बहुत कम है, परेशान हैं। मान्यता बचाने के लिए वे बिना मान्यता वाले स्कूल संचालकों की शरण में पहुंच रहे हैं। छात्र-छात्राओं का आधार और नामांकन प्रपत्र उधार मांग कर अपने यहां से ऑनलाइन फीडिंग की जा रही है। ऑनलाइन फीडिंग के अनुसार स्कूलों में छात्र- छात्राओं के संख्या की जांच हो जाए तो संचालकों की पोल खुल जाएगी।