बलिया। बेटियों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है। शासन व शिक्षा विभाग ड्राप आउट व दूरदराज गांवों की बेटियों को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इस शैक्षिक सत्र में 559 ड्राप आउट बच्चियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया है। अब इन बेटियों को अच्छी शिक्षा प्रदान कराने को विद्यालयों में लाइब्रेरी भी खोली जा रही है, ताकि कोर्स के अलावा छात्राएं अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त कर सकें।
जनपद में 16 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित है। एक विद्यालय में 100 छात्राओं को प्रवेश दिलाया जाता है। यहां छात्राओं की पढ़ाई आदि सभी सुविधाएं निशुल्क हैं। निजी स्कूलों की तर्ज पर विद्यालयों में प्रोजेक्टर से भी पढ़ाया जाता है। स्मार्ट क्लास का भी संचालन किया जाएगा। विभाग व प्रशासन स्तर पर इसकी कार्यवाही चल रही है। अब इन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में एक-एक लाइब्रेरी खुलेगी। लाइब्रेरी में साहित्य, सामान्य ज्ञान, इतिहास आदि की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में एनबीटी की ओर से बीएसए आफिस को आवश्यक निर्देश भी दिए गए है। ताकि विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं स्कूल समय के उपरांत लाइब्रेरी में जाकर साहित्य, सामान्य और अन्य विषयों के ज्ञान के लिए पढ़ाई कर सकें।
कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को इंग्लिश पढ़ने के साथ बोलने में पारंगत किया जाएगा। इसके लिए सभी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की अंग्रेजी विषय की शिक्षिकाएं रोजाना हर कक्षा की छात्राओं के साथ इंग्लिश में वार्ता करेंगी। वह उन्हें इंग्लिश पढ़ने के साथ बोलने में पारंगत करेंगी। महानिदेशक बेसिक शिक्षा ने आदेश दिए हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में लाइब्रेरी खोली जाएगी। इसकी कार्यवाही संचालित है। इसके अलावा छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास संचालित होंगी। - आनंद प्रकाश मिश्रा, डीसी बालिका शिक्षा