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अब प्रत्येक ब्लॉक में बनेगा एक स्थाई पशु आश्रय स्थल

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बलिया। जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक स्थायी पशु आश्रय स्थल बनाने के प्रयास में जिला प्रशासन जुटा हुआ है। इसके लिए जमीन चिह्नित करने के लिए जिलाधिकारी की ओर से सभी एसडीएम को निर्देश जारी कर दिया गया है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी की माने तो यह वृहद पशु आश्रय स्थल होगा, जहां कम से कम 500 मवेशियों को रखा जा सकेगा।
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शहर से ग्रामीण इलाकों तक छुट्टे पशुओं की भरमार है। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह छुट्टे पशु खेतों में फसलों को काफी क्षति पहुंचाते हैं। समय-समय पर छुट्टे मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है लेकिन आज भी छुट्टे पशु सड़क से लेकर खेतों तक में घूमते रहते हैं। 2019 में प्रदेश सरकार ने छुट्टा मवेशियों को रखने के लिए पशु आश्रय स्थल बनाने की कवायद शुरू की थी। हालांकि शुरुआती दौर में अस्थायी केंद्र खोलकर उसमें छुट्टा मवेशियों को रखा जाने लगा। अब सरकार ने प्रत्येक ब्लॉक में एक वृहद पशु आश्रय स्थापित करने के लिए निर्देश जारी किया है। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को जमीन तलाशने का निर्देश दिया है ताकि वृहद पशु आश्रय स्थल का निर्माण हो सके। जिला पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जमीन चिह्नित होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
दो वृहद पशु आश्रय संचालित, एक निर्माणाधीन
जनपद में अलग-अलग वर्षों में दो वृहद पशु आश्रय स्थल जिगिरसड़ और बछईपुर में संचालित हैं। बेल्थरारोड तहसील के करौंदी में वृहद पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन है। इसके अलावा, छुट्टे मवेशियों को पकड़ कर रखने के लिए जिले में 26 अस्थाई पशु आश्रय स्थल बनाए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 16 ब्लॉकों में एक-एक और नगरपालिका और नगर पंचायतों में एक-एक अस्थाई पशु आश्रय स्थल हैं।
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शासन की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में एक वृहद पशु आश्रय स्थल निर्माण का निर्देश मिला है। जिलाधिकारी की ओर से इस बाबत सभी एसडीएम को जमीन तलाशने के लिए पत्र जारी किया गया है। - डॉ. गौतम सिंह, जिला पशु चिकित्साधिकारी, बलिया
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