बलिया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने दो ब्लॉकों के एक-एक सचिव के खिलाफ अलग-अलग मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया है। एक सचिव को कारण बताओ नोटिस तो दूसरे सचिव पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
चिलकहर ब्लॉक के इसारी गांव निवासी अरुण कुमार सिंह पुत्र स्व. देवेंद्र सिंह ने दो दिसंबर 19 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर राज्य वित्त, 14वां वित्त व मनरेगा कार्यों से संबंधित कुल 18 बिंदुओं पर जांच की मांग की थी। डीएम ने उप कृषि निदेशक की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। जांच अधिकारी द्वारा तत्कालीन सचिव रमेश कुमार यादव से जांच से संबंधित अभिलखों की मांग की गई लेकिन सचिव द्वारा जांच से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया और लिखित में बताया गया कि चार्ज लेते समय जांच से संबंधित कोई भी अभिलेख पूर्व सचिव द्वारा प्राप्त नहीं कराया गया। जबकि पूर्व सचिव दूधनाथ राम द्वारा 20 जुलाई 21 को अवगत कराया गया है कि मैंने ग्राम पंचायत इसारी की जांच के लिए चार्ज की सूची रमेश कुमार यादव तत्कालीन सचिव को जांच से पूर्व ही प्राप्त करा चुका हूं। इस बाबत कार्यालय द्वारा कई बार तत्कालीन सचिव रमेश कुमार यादव से अभिलेख की मांग की जाती रही लेकिन उनके द्वारा केवल सात बिंदुओं के ही जांच से संबंधित अभिलेख डीपीआरओ कार्यालय में उपलब्ध कराया गया। शेष 11 बिंदुओं से संबंधित अभिलेख आज तक कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे स्पष्ट है कि तत्कालीन सचिव द्वारा बार-बार अधिकारियों को गुमराह करना, जांच में व्यवधान उत्पन्न करना तथा अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की जाती रही है जो सरकारी सेवक नियमावली के विरुद्ध है। डीपीआरओ ने चिलकहर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देश दिया गया है कि तत्कालीन सचिव रमेश कुमार यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी प्रति उपलब्ध कराएं।
उधर, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी प्राविधिक ने दो अगस्त को नगरा ब्लॉक के बिहरा हरपुर ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया और आख्या 16 अगस्त को कार्यालय में उपलब्ध कराई गई। आख्या के अनुसार ग्राम पंचायत के खंभों पर लगाई गई स्ट्रीट लाइट के लिए ग्राम निधि से 11 जनवरी 22 को 387100 रुपए सचिव रामप्यारे चौधरी ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान घूरा प्रसाद यादव द्वारा धनराशि का आहरण किया गया है। निरीक्षण के समय स्ट्रीट लाइट खंभों पर लगी मिली। निरीक्षण में 24 वॉट के कुल 100 स्ट्रीट लाइट लगे थे जबकि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तुत बिल वाउचर पर 45 वॉट प्रति लाइट 3871 रूपये की दर से भुगतान किया गया है। शासनादेश के अनुसार 24 वॉट स्ट्रीट लाइट 3385 रुपए का मूल निर्धारित है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट में दो मीटर जीआई पाइप का प्रयोग नहीं किया गया है। इस प्रकार स्ट्रीट लाइट में 205200 रुपये अतिरिक्त धनराशि आहरण किया गया है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव रामप्यारे चौधरी एवं ग्राम प्रधान घूरा प्रसाद यादव जिम्मेदार हैं। पंचायत भवन की चाहरदिवारी पर 65325 रुपये का आहरण बिना कार्य कराए प्रधान व सचिव द्वारा किया गया है। गांव में पंचायत भवन का निर्माण पूरा नहीं है जबकि ऑफिस उपकरण के लिए 1.75 लाख रुपये आहरित है जबकि निरीक्षण के समय आफिस उपकरण नहीं मिले। सामुदायिक शौचालय संचालन के लिए भी 27 हजार रुपये बिना बिल वाउचर लिए स्वयं सहायता समूह को भुगतान किया गया है। इन सबके लिए प्रधान व सचिव जिम्मेदार हैं। डीपीआरओ ने सचिव को निर्देश दिया है कि जांच अधिकारी की जांच में लगाए गए आरोपों के संबंध में निर्दोषिता सिद्ध करने के लिए साक्ष्यों सहित बिंदुवार स्पष्टीकरण एक सप्ताह में कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर उपलब्ध कराएं, अन्यथा विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी।