बैरिया। 12 वर्ष पूर्व कटान से बेघर हुए लोग किसी तरीके से झककटहां में बस गए। अब चकबंदी विभाग भूमि खाली करने के लिए कह रहा। उप जिलाधिकारी बैरिया ने चकबंदी विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश देने के साथ ही रिपोर्ट तलब की है।
तहसील क्षेत्र अंतर्गत सरयू नदी के कटान से विस्थापित होकर माझा गांव के 12 कटान पीड़ित एक दशक पूर्व झरकटहा गांव में बस गए थे। अब उस जमीन को खाली करने के लिए चकबंदी विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। कटान पीड़ितों का कहना है कि एक दशक पूर्व सबकी राय से हम लोग झरकटहा में गोलक्ष्णी की जमीन में बसे थे। अब वह जमीन न्यायालय के आदेश से किसी काश्तकार की हो गई है। ऐसे में चकबंदी विभाग अब जमीन खाली करने को कह रहा है। हम लोग जाएं तो कहां जाएं।
माझा गांव निवासी बालेश्वर सिंह, तारकेश्वर सिंह, धनेश्वर पासवान, श्री भगवान पासवान, कृष्णा पासवान, मुकेश कुमार सिंह, शिवनाथ सिंह, भीम सिंह, योगेंद्र सहित एक दर्जन लोगों ने बताया कि वर्ष 2009-10 में माझा गांव सरयू नदी के कटान से तबाह हो गया था। तब से हम लोग यहां आकर बसे हुए हैं।
इस संदर्भ में जिला पंचायत सदस्य गीता सिंह ने उप जिलाधिकारी बैरिया सुनील कुमार को प्रतिवेदन देकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। इस बाबत उप जिलाधिकारी बैरिया ने चकबंदी विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के साथ रिपोर्ट तलब की है। साथ ही कहा कि कटान पीड़ितों के लिए कोई न कोई व्यवस्था की जाएगी।