रसड़ा। परिवहन मंत्री के जनपद में दूसरा राजस्व अर्जित करने वाला सरकारी बस स्टैण्ड प्रसासनिक उदासीनता के कारण अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। सरकारी बस स्टैंड अपनी समस्याओं के समाधान के इन्तजार में है। बस स्टैंड पर यात्रियों की मूलभत सुविधाएं भी नदारद है। बलिया-लखनऊ राजधानी मार्ग पर रसड़ा स्थित जनपद का पुराना सरकारी बस स्टैंड पर यात्रियों की मुलभुत सुविधाएं बिजली पानी साफ सफाई का घोर अभाव है। इस स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्रियो का आवागमन होता रहता है। इस बस स्टेशन को डिपो बनाए जाने की कवायद जोर शोर उठी थी, जो ठंडे बस्ते में ही है। विधायक उमाशंकर सिंह ने विधानसभा में इसकी आवाज भी उठाई थी। श्रीनाथ मठ के महंथ कौशलेन्द्र गिरी ने मुख्य मंत्री से मिल कर रोडवेज को डिपो बनाने एवं सुविधाओं को बहाल करने की मांग किया था। परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने भी इस बस स्टैंड की मूल भूत सुविधाओं से लैस होने का आश्वासन दिया था।