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NIA Raid: मानव तस्करी मामले में एनआईए की टीम ने बलिया में मारा छापा, एक युवक को उठाया

Tue, 24 Sep 2024 06:12 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के कस्बे के उर्दू मार्केट में एनआईए की टीम ने छापा मारा। इस दौरान एक युवक को अपने हिरासत में लिया। 
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एनआईए - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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एनआईए की टीम ने सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के कस्बे के उर्दू मार्केट में सोमवार को छापा मार कर एक युवक को उठाया है। युवक का भाई पहले से मानव तस्करी के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद है। आशंका जताई जा रही कि एनआईए की टीम ने मानव तस्करी से कनेक्शन होने के आरोप में ही युवक को उठाया है।
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टीम के सदस्य आठ गाड़ियों में सवार होकर आए थे। बताया जाता है कि एनआईए की कार्रवाई के बाद गिरोह से जुड़े इलाके के छह से अधिक लोग भूमिगत हो गए हैं। बीते कुछ दिनों से एनआईए की छापा मारी से जनपद सुर्खियों में है। एक वर्ष पूर्व पांच हार्डकोर नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद मानव तस्करी काे लेकर एनआईए की छापामारी और एक युवक को उठाए जाने से चर्चाओं का बाजार गरम है। अन्य जांच एजेंसियां भी जिले सक्रिय हो गईं हैं।

आशंका है कि पकड़े गए युवक का संपर्क मानव तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों से है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार युवक नौकरी के नाम पर युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है। इसके लिए उसने दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी में ऑफिस खोला है। ये युवाओं को विदेश खासकर सऊदी अरब और दुबई भेजने के नाम पर प्रतिबंधित देशों खासकर पोलैंड, इथोपिया और दक्षिण पूर्व व मध्य एशिया के देशों में श्रमिक के तौर पर भेजता है। यह जानकारी हुई कि यहां से जाने वाले युवाओं की किडनी आदि निकाल ली जाती थी।
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शिकायत पर मामले की जांच कर रही एनआईए की टीम ने करीब तीन महीने पहले दिल्ली से युवक के भाई को पकड़ा था। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में निरुद्ध है। जिले में एक पखवाड़े में दूसरी बार एनआईए की टीम ने छापामारा है। इस बाबत स्थानीय पुलिस के अधिकारी कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं।

विदेश भेजने के नाम पर सक्रिय हैं कई गिरोह : सूत्रों का कहना है कि अकेले सिकंदरपुर कस्बे में छह से अधिक ऐसे छोटे-छोटे सेंटर संचालित हैं, जहां से गरीब और बेरोजगार युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर प्रतिबंधित देशों में भेज दिया जाता है। वहां युवकों के साथ अमानवीय घटनाएं होती हैं। इतना ही नहीं, अधिकांश युवाओं को टूरिस्ट वीजा देकर भी विदेश भेज दिया जाता है, जहां वे शोषण का शिकार होते हैं।
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