सिकंदरपुर के श्री स्वामीनाथ सिंह सुरेंद्र महाविद्यालय में सेमिनार को संबोधित करते आदित्य प्रत?
- फोटो : BALLIA
सिकंदरपुर। श्री स्वामीनाथ सिंह सुरेंद्र महाविद्यालय धर्मपुर महथापार काजीपुर के सभागार में नई शिक्षा नीति पर दो दिवसीय सेमिनार हुआ। वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति से रोजगार के दरवाजे खुलेंगे। महाविद्यालय के आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि यह शिक्षा नीति तीन विषय वाले सभी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2021-2022 से लागू होगी। चार वर्षीय स्नातक शोध सहित नवीन पाठ्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2022-2023 से लागू होगा। विषयों के चयन में बहु विशेषता के लिए संकायों में विषयों के वर्गीकरण एवं कोडिंग की व्यवस्था शासन की ओर से की गई है। भाषा संकाय और ग्रामीण अध्ययन संकाय को बहुविषयकता के लिए अलग संकाय माना जाएगा। उन्हें डिग्री कला संकाय की दी जाएगी। छात्र को विषय चयन करते समय दो मुख्य विषय का चुनाव करना होगा, जो विद्यार्थी का अपना संकाय कहलाएगा। इसका अध्ययन वह छठे सेमेस्टर तक कर सकता है। तीसरे मुख्य विषय का चुनाव वह अपने संकाय या अन्य संकाय से कर सकता है, लेकिन माइनर इलेक्ट्रिक पेपर का चुनाव करते समय छात्र को यह ध्यान देना होगा कि तीसरा मुख्य विषय या चौथा माइनर इलेक्ट्रिक पेपर दोनों में कोई एक किसी अन्य संकाय से हो। छात्र को प्रत्येक सेमेस्टर में एक सह विषय कोर्स करना होगा। प्रथम चार सेमेस्टरो में तीन क्रेडिट का कौशल विकास कोर्स करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा निर्धारित प्रत्येक वर्ष का क्रेडिट अर्जित करना होगा। मूल्यांकन सतत् एवं व्यापक करने के लिए शैक्षिक, कौशल, शारीरिक, बहिर्मुखी और स्व मूल्यांकन किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से जहां छात्रों में कौशल तथा व्यक्तित्व का विकास होगा, वहीं छात्रों में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस दौरान डॉ. राजकुमार, डॉ. मृत्युंजय राय, नजरे आलम, चित्रलेखा तिवारी, कामेश्वर प्रसाद, अश्वनी सिंह, विजेंद्र श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीके तिवारी और संचालन कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार ने किया।